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जरबेरा फूल की खेती कर मालामाल हो रहे हैं किसान, एक फूल की कीमत है 10 रुपये… सजावट से लेकर आयुर्वेद तक है यूज

Byadmin

Nov 25, 2022



मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले के करौदा में किसान जरबेरा और गुलाब के फूल की खेती करके मालामाल हो रहे है। जरबेरा के फूलों की आपूर्ति कई महानगरों में किया जाता है। पाली हाउस में किसान फूल की खेती कर रहे हैं, जहां इससे कई अन्य लोगों को भी रोजगार मिला हुआ है। जरबेरा के फूलों का प्रयोग शादी विवाह के साथ होटल की सजावट सहित अन्य जगहों पर किया जाता है।

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बीघा में खेती, मालामाल हो रहे किसान
यूपी के मिर्ज़ापुर जिले के करौदा में भदोही के निवासी नजम अंसारी के द्वारा लगभग तीन बीघे में जरबेरा और गुलाब के फूलों की खेती की जा रही है। पाली हाउस में की खेती होती है, जहां 15 से 20 लोग काम करते है। जरबेरा के फूलों की सप्लाई लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज सहित अन्य कई जनपदों में होता है।

हर फूल कीमती होता है। पाली हाउस में तय तापमान में जरबेरा के फूलों की खेती की जाती है। जरबेरा की खेती करके किसान मालामाल हो रहे है। किसान नजम अंसारी ने बताया कि जरबेरा की खेती कुछ सालों पहले की थी, जहां अब इससे काफी मुनाफा कमाने को मिल रहा है। पाली हाउस में देखभाल के बीच इसकी खेती की जाती है।

एक फूल की कीमत 8 से 10 रुपये है, जहां इसे महानगरों में सप्लाई किया जाता है। शादी विवाह के समय में इसकी कीमत और बढ़ जाती है। ठंड के समय में इसका उत्पादन काफी कम होता है, जहां पाली हाउस में 20 से 25 डिग्री सेल्सियस तापमान में ही इसकी खेती अच्छे से की जा सकती है।

15 से 20 दिन तक हरा भरा रहता है फूल
जरबेरा का फूल दिखने में काफी आकर्षक होता है। इसके रंग बिरंगे पंखुड़ियों को देखने के तनाव कम होता है। जरबेरा के फूलों का प्रयोग शादी समारोह की सजावट, गुलदस्ते बनाने, आफिस, रेस्टोरेंट और होटल के सजावट में प्रयोग किया जाता है। इसके साथ ही इसका प्रयोग आयुर्वेदिक दवा बनाने में भी की जाती है।

इस फूल की खासियत यह है कि पानी के बोतल में इसे रखने पर यह दो हफ्तों से अधिक समय तक हरा भरा रहता है। यह फूल 12 महीने उपलब्ध रहता है, जहां पीला, नारंगी, सफेद, गुलाबी, लाल और अन्य रंग में मौजूद होते है।

रिपोर्ट- मुकेश पांडेय