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बैंक से 60 लाख, पुलिस से हथियारों की लूट… बिहार के दो खूंखार लुटेरे भाइयों का आज हुआ अंत, दो भाइयों का अब भी आतंक – encounter of two miscreants of samastipur in varanasi his terror in entire bihar

Byadmin

Nov 22, 2022


समस्तीपुर: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुई मुठभेड़ में पटना से फरार दोनों बदमाशों रजनीश सिंह और मनीष सिंह ढ़ेर हो गए। दोनों का आपराधिक इतिहास रहा है। मुठभेड़ में मारे गए बदमाश समस्तीपुर जिले के गांव में रहने वाले हैं। बताया जाता है कि रजनीश सिंह और मनीष सिंह पिछले एक दशक से समस्तीपुर सहित बिहार के अन्य जिलों में गैंग बनाकर वारदात देते थे। रजनीश सिंह, मनीष, ललन सिंह और राजेश सिंह चारों भाई हैं। इन चारों का पूरे बिहार में आतंक था। इन पर हत्या, बैंक डकैती, पुलिसकर्मियों के हथियार लूटने जैसे कई अन्य मामले दर्ज हैं।

पटना से फरार होने के बाद वाराणसी में छिपकर रह रहे थे
तीन महीने पहले पटना की जिला अदालत के टॉयलेट की दीवार को तोड़कर तीनों फरार हो गए थे। घटना 9 सितंबर 2022 की है। तभी से तीनों भाई रजनीश सिंह, मनीष और ललन सिंह वाराणसी में छिपकर रह रहे थे। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, रजनीश और मनीष पर पहला मुकदमा 2011 में समस्तीपुर के मोहद्दीपुर थाने में दर्ज किया गया था। इन दोनों ने एक लूट को अंजाम दिया था। इसी को लेकर मोहद्दीपुर थाने में मामला दर्ज हुआ था।

गैंग बनाकर लूटते थे पुलिसकर्मियों से हथियार
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, रजनीश कुल 5 भाई हैं। इनमें चार गैंग बनाकर वारदातों को अंजाम देते हैं। जबकि एक भाई गांव में ही रहता है। क्राइम रिकॉर्ट के अनुसार, रजनीश ने अपने अन्य तीनों भाइयों के साथ मिलकर पहली वारदात को 2011 में अंजाम दिया था। इसके बाद ये गैंग बनाकर पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते और उनके हथियार लूट लेते थे। पुलिसकर्मियों से लूटे गए हथियारों से फिर ये लोग वारदात को अंजाम देते थे।

एक भाई फरार
आज वाराणसी पुलिस के साथ मुठभेड़ में तीन भाई रजनीश सिंह, मनीष, ललन सिंह थे। इसमें ललन सिंह किसी तरह बचकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। जबकि चौथा भाई राजेश सिंह झारखंड में किसी मामले में जेल में बंद है।

पुलिसकर्मियों से हथियार लूट दिया था बैंक डकैती को अंजाम
2017 में पटना के बेलछी थाना क्षेत्र कीबैंक की शाखा में दिनदहाड़े 60 लाख की लूट की वारदात हुई थी। इस वारदात को तीनों भाइयों रजनीश सिंह, मनीष, ललन ने अंजाम दिया था। बैंक लूट के दौरान बैंक के गार्ड योगेश्वर, अजीत सहित तीन की गोली मारकर हत्या भी कर दी थी। ये तीनों भाई इस कांड के मुख्य आरोपी थे। बताया जाता है कि इस बैंक लूट को अंजाम देने के लिए इन तीनों के हथियारों को जरूरत थी। हथियार के इंतजाम के लिए इन तीनों ने दो दारोगा और एक पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या की और तीनों से पिस्टल-रिवॉल्वर लूट ली थी। यह वारदात 2016 में हुई थी।

पटना से फरार होने के बाद वाराणसी में लूटी दारोगा की पिस्टल
पटना की कोर्ट से फरार होने के बाद तीनों वाराणसी आ गए थे। वाराणसी में 8 नवंबर को भी इन तीनों ने एक दारोगी की हत्या कर उसकी पिस्टल लूट ली थी।इसके बाद से यूपी पुलिस भी इनके पीछे लग गई थी।