इमेज कैप्शन, परीक्षा के लिए लगी कतार (प्रतीकात्मक)
ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) देश की एक ऐसी परीक्षा है, जिसके अंक के आधार पर देश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थानों में प्रवेश से लेकर सीधे सरकारी नौकरी तक मिलती है.
गुरुवार, 27 फ़रवरी को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), रुड़की ने गेट परीक्षा की प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी है. आंसर की, सही उत्तरों की वो लिस्ट होती है जिसके आधार पर आप अपने अंकों का आकलन कर संभावित रैंक का अंदाज़ा लगा हैं.
आंसर-की को आईआईटी रुड़की की अधिकारिक वेबसाइट gate2025.iitr.ac.in पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं. इसके आधार पर अपने उत्तर का मिलान कर सकते हैं.
परीक्षा में किसी प्रश्न या फिर उसके उत्तर पर आपको कोई आपत्ति है तो अधिकारिक वेबसाइट पर इसे दर्ज कर सकते हैं. एक मार्च के बाद आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी.
30 विषयों में होती है गेट परीक्षा
इमेज स्रोत, WWW.IITR.AC.IN
इमेज कैप्शन, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान,रुड़की
राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा के लिए इंजीनियरिंग, साइंस, टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चर, कॉमर्स, आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज में से किसी एक की बैचलर डिग्री ज़रूरी है.
देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लेने के लिए आईआईटी हर साल गेट परीक्षा कराता है. इसके अंक के आधार पर विदेश के संस्थानों में दाखिला से लेकर सीधे सरकारी नौकरी तक मिलती है.
आईआईटी कुल 30 विषयों में प्रवेश के लिए यह परीक्षा कराता है. परीक्षा में मिले अंक के आधार पर आईआईटी सहित देश के नामी संस्थानों के इंजीनियरिंग, आर्किटेक्टर, साइंस और ह्यूमैनिटीज कोर्स में दाखिला मिलता है.
गेट परीक्षा 100 अंकों की होती है. इसमें सवाल 1 या 2 अंकों के होते हैं. इसकी निगेटिव मार्किंग होती है. गलत आंसर देने पर 1 अंक के सवालों के लिए 1/3 नंबर कट जाते हैं और अगर सवाल 2 मार्क्स का है, तो 2/3 अंक कटते हैं.
इस परीक्षा की सबसे खास बात यह है कि कई सरकारी पीएसयू गेट परीक्षा में मिले अंक के आधार पर ही नौकरी दे देते हैं. गेट में हासिल अंकों के आधार पर सीधे पीएचडी में भी दाखिला ले सकते हैं.
तीन साल तक मान्य होते हैं गेट के अंक
इमेज स्रोत, Getty Images
इस परीक्षा का प्रबंधन एक कमेटी करती है. इसमें देश की सात आईआईटी और भारतीय विज्ञान संस्थान,बैंगलोर शामिल हैं.
साल भर में एक बार कराई जाने वाली यह परीक्षा पूरी तरह से ऑनलाइन होती है. इसके अंक तीन साल तक के लिए मान्य होते हैं. इस परीक्षा में विज्ञान वर्ग की वरीयता देखने को मिलती है.
इस परीक्षा में दो पेपर होते हैं. मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय और अन्य सरकारी एजेंसियां कई मामलों में छात्रों को वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराती हैं.
इस परीक्षा में कोई भी ग्रेजुएट छात्र भाग ले सकता है लेकिन विषय के अनुसार पात्रता का मानदंड बदल जाता है.
परीक्षा में प्रश्न बहुविकल्पीय, बहुचयनित और संख्यात्मक होते हैं. इस परीक्षा में करीब दस लाख परीक्षार्थी शामिल होते हैं.
अगर आपको लगता है कि आंसर-की में कोई गलती है, तो ऑब्जेक्शन विंडो के माध्यम से आपत्ति दर्ज कर सकते हैं. आईआईटी (IIT) रुड़की ने ऑब्जेक्शन विंडो भी खोल दी है.
सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट gate2025.iitr.ac.in पर जाएं.
लॉगिन करें और “उत्तर कुंजी (आंसर की) पर आपत्ति दर्ज करें” लिंक पर क्लिक करें.
जिस प्रश्न पर आपत्ति है, उसे चुनें और सही उत्तर का प्रमाण अपलोड करें.
निर्धारित शुल्क जमा करें और सबमिट करें.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित