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विमान बनाने वाली कंपनी एयरबस ने अपने हज़ारों विमानों के लिए एक सॉफ़्टवेयर अपडेट की घोषणा की है. इसकी वजह सूरज से निकलने वाली तेज़ रेडिएशन बताई गई है, जिससे फ़्लाइट कंट्रोल के लिए ज़रूरी डेटा करप्ट हो सकता है.
ऐसा माना जा रहा है कि इससे दुनिया भर में लगभग छह हज़ार विमान प्रभावित होंगे.
अमेरिकन एयरलाइंस, डेल्टा, एयर इंडिया और विज़ जैसी दुनिया भर की कई एयरलाइनों ने इस सॉफ़्टवेयर अपडेट से अपनी सेवा प्रभावित होने की बात कही है.
एयर इंडिया ने एयरबस के निर्देश से अपने “निर्धारित ऑपरेशन में देरी” को लेकर ट्रैवल एडवाइज़री जारी की है.
एयर इंडिया ने एक्स पर पोस्ट किया, “हमें एयरबस के एक निर्देश के बारे में पता है जो उसके ए320 फ़ैमिली एयरक्राफ़्ट से जुड़ा है. ये अभी एयरलाइन ऑपरेटरों के बीच सर्विस में हैं. इससे हमारे फ्लीट के एक हिस्से में सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर रीअलाइनमेंट होगा, जिससे टर्नअराउंड टाइम लंबा होगा और हमारे तय ऑपरेशन्स में देरी होगी.”
इंडिगो ने एक्स पर पोस्ट किया, “एयरबस ने ग्लोबल ए320 फ़्लीट के लिए एक टेक्निकल एडवाइज़री जारी की है. हम सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल के हिसाब से, पूरी मेहनत और सावधानी से अपने एयरक्राफ़्ट पर ज़रूरी अपडेट्स को पूरा कर रहे हैं.”
इंडिगो ने कुछ फ़्लाइट के शेड्यूल में थोड़े बदलाव की बात कही है और यात्रियों से एयरपोर्ट पहुंचने से पहले एयरलाइन के ऐप या वेबसाइट पर फ़्लाइट का स्टेटस चेक करने की अपील की है.
एयरलाइन ने यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ़्लाइट का स्टेटस चेक करने की अपील की है. मदद के लिए 011-69329333, 011-69329999 पर संपर्क करने को कहा है.
वहीं ईज़ीजेट का कहना है कि उसने ज़रूरी सॉफ़्टवेयर अपडेट कर लिए हैं और शनिवार को उसकी सभी उड़ानें सामान्य तरीके से चलाए जाने की योजना है.
लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट का कहना है कि उसके फ़्लाइट
ऑपरेशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा जबकि गैटविक ने कुछ समस्या की आशंका जताई है.
ब्रिटेन की परिवहन मंत्री हेइडी अलेक्ज़ेंडर का कहना है कि ब्रिटेन की एयरलाइनों पर इसका प्रभाव सीमित लगता है. उन्होंने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अधिक जानकारी के लिए एयरलाइनों से संपर्क करें.