राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। बंगाल के पुरुलिया जिले के कोटशिला-झालदा जंगल में कैमरों में कम से कम चार ‘स्लाथ’ भालू की तस्वीरें रिकार्ड होने से उनके संरक्षण की उम्मीदें बढ़ गई हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। साल 2022 में इस क्षेत्र में लगे कैमरे में केवल एक ही ‘स्लाथ’ (आलसी) भालू की तस्वीर दर्ज हुई थी।
पुरुलिया के तीन वन प्रभागों में कैमरे में रिकार्ड करने की कवायद जनवरी में शुरू हुई। यह कार्य वन विभाग और गैर-सरकारी संगठन ‘ह्यूमन एंड एनवायरनमेंट एलायंस लीग’ (एचईएएल) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जो जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में काम करता है।
कोटशिला संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) अंजन गुहा ने बताया कि ट्रैप कैमरों से प्राप्त तस्वीरों का विश्लेषण करने के बाद हमने निष्कर्ष निकाला है कि क्षेत्र में कम से कम चार ‘स्लाथ’ भालू हैं। हम इन जानवरों की सुरक्षा के लिए एक संरक्षण परियोजना पर काम कर रहे हैं।
गांवों में शुरू किया जागरूकता अभियान
उन्होंने बताया कि मानव-जानवर संघर्ष को रोकने के लिए उन्होंने आस-पास के गांवों में जागरूकता अभियान शुरू किया है। मुख्य वन्यजीव वार्डन संदीप सुंद्रीयाल ने कहा कि मैंने इनके (स्लाथ भालुओं) क्षेत्र में देखे जाने के बारे में सुना है।
यह जानकर खुशी हुई कि जानवर अपने प्राकृतिक आवासों के भीतर रहते हैं और किसी भी संघर्ष से बचने के लिए मानव बस्तियों में प्रवेश नहीं करते। सुंद्रीयाल ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों ने पुरुलिया में पैंगोलिन (एक स्तनधारी जीव है, जिसके शरीर पर एक सुरक्षात्मक कवच होता है) और भेड़िया भी देखा है।