डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गर्मियों की शुरुआत होते ही घरों में पानी की चिंता बढ़ने लगती है। तेज गर्मी और बढ़ती धूप के कारण हर दिन पानी की जरूरत पहले से ज्यादा हो जाती है। नहाने, खाना बनाने, कपड़े धोने, कूलर भरने और सफाई जैसे कामों में काफी पानी खर्च होता है।
कई इलाकों में गर्मियों में पानी की सप्लाई कम हो जाती है, इसलिए लोग पहले से ज्यादा पानी स्टोर करने लगते हैं। लेकिन अगर पानी को सही तरीके से जमा न किया जाए, तो बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि पानी स्टोर करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए, ताकि पानी भी सुरक्षित रहे और बर्बादी भी न हो।
पानी स्टोर करते समय लोग करते हैं ये गलतियां
गर्मी के दिनों में कई लोग घर की टंकी या पानी के कंटेनर खुले छोड़ देते हैं। इससे धूल, मिट्टी, कीड़े और बैक्टीरिया आसानी से पानी में पहुंच जाते हैं और पानी दूषित हो सकता है। कई बार लोग पुराने प्लास्टिक के डिब्बों में लंबे समय तक पानी जमा करके रखते हैं।
तेज गर्मी में ऐसे कंटेनर खराब केमिकल छोड़ सकते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इसलिए पानी स्टोर करने के लिए हमेशा साफ और सुरक्षित कंटेनर का इस्तेमाल करना चाहिए।
टंकी ओवरफ्लो और लीकेज से होता है बड़ा नुकसान
कई घरों में लोग मोटर चालू करके भूल जाते हैं, जिससे टंकी भरने के बाद घंटों पानी बहता रहता है। इसी तरह पाइप की छोटी लीकेज भी हर दिन काफी पानी खराब कर सकती है।
इसलिए टंकी भरते समय ध्यान रखना जरूरी है और कहीं भी लीकेज दिखे तो उसे तुरंत ठीक करवाना चाहिए। टंकी की समय-समय पर सफाई करना भी जरूरी है, ताकि पानी साफ बना रहे।
अगर पीने का पानी स्टोर कर रहे हैं, तो हमेशा फूड ग्रेड कंटेनर का इस्तेमाल करें और पानी को अच्छी तरह ढककर रखें। कोशिश करें कि 24 से 48 घंटे के भीतर उस पानी का इस्तेमाल हो जाए।
छोटी आदतों से बच सकता है हजारों लीटर पानी
रोजमर्रा की छोटी आदतें भी पानी बचाने में बड़ी मदद कर सकती हैं। जैसे ब्रश करते समय नल बंद रखना, बाल्टी से नहाना और RO का बचा पानी पौधों में इस्तेमाल करना। बच्चों को भी पानी बचाने की आदत सिखानी चाहिए। ये छोटी-छोटी बातें हर महीने हजारों लीटर पानी बचा सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जरूरत से ज्यादा पानी स्टोर करना भी सही नहीं है। लंबे समय तक रखा पानी खराब हो सकता है और बीमारियों की वजह बन सकता है। इसलिए उतना ही पानी जमा करें, जितना सही तरीके से संभाला जा सके।