डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। तेलंगाना के सैफाबाद इलाके में एक बस स्टॉप पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक 10 वर्षीय मासूम बच्चे का पैर अचानक मैनहोल के लोहे के ढक्कन (ग्रिल) में बुरी तरह फंस गया। बच्चा दर्द से कराह रहा था और लोहे के संकरे खांचे के कारण पैर को बाहर निकालना नामुमकिन हो गया था।
स्थानीय लोगों की सूचना पर सैफाबाद पुलिस और दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) की टीम तुरंत हरकत में आई। दोनों विभागों ने मौके पर पहुंचकर एक संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बच्चे को और अधिक चोट न आए, इसे ध्यान में रखते हुए हाइड्रोलिक कटर और विशेष उपकरणों की मदद से लोहे के ढक्कन के हिस्सों को बेहद सावधानी से काटा गया।
सुरक्षित बाहर निकाला गया बच्चे का पैर
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने बच्चे के पैर को बिना किसी गंभीर नुकसान के सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दमकलकर्मियों और पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की है।
उठ रहे ये सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन पर बस स्टॉप जैसे सार्वजनिक और व्यस्त स्थानों पर खराब पड़े मैनहोल के ढक्कनों को न बदलने को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। फिलहाल, बच्चे को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया गया है, जहां उसकी हालत पूरी तरह स्थिर बताई जा रही है।