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EPFO: आखिर क्या होता है Form 15G, PF निकालने के लिए कैसे होता है इस्तेमाल; जानें-कैसे भर सकते हैं यह फॅार्म

Byadmin

Jan 24, 2023


नई दिल्ली, जेएनएन। प्रोविडेंट फंड का नाम आपने कभी न कभी तो सुना ही होगा। हालांकि, पीएफ को लेकर आम लोगों को काफी कम जानकारी रहती है। बता दें कि कंपनी में नौकरी के दौरान प्रति माह मिलने वाले वेतन का कुछ हिस्सा पीएफ के रूप में कट जाता है। यह सरकार के पास जमा होता है, जिसे बाद में निकाला जा सकता है। हालांकि, यदि कोई कर्मचारी पांच साल पहले पीएफ निकालता है, तो उसे फॉर्म 15जी भरना होता है। इस लेख के माध्यम से हम आपको इस फॉर्म के उपयोग के बारे में बताने जा रहे हैं। साथ ही इससे जुड़ी पात्रता के बारे में भी बताएंगे।

दरअसल, प्रोविडेंट फंड (PF) उन कर्मचारियों के लिए सरकार द्वारा प्रबंधित सेवानिवृत्ति बचत योजना है, जो हर महीने अपने पेंशन फंड के एक हिस्से का योगदान कर सकते हैं। वहीं, फॉर्म 15जी एक डिक्लेरेशन है, जिसे 60 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति और हिंदू-अविभाजित परिवार के फिक्स डिपोजिट होल्डर द्वारा भरा जा सकता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि एक वर्ष में उनकी ब्याज आय से कोई टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) नहीं काटा जाए।

यदि कोई व्यक्ति पांच साल पूरा होने से पहले ही पीएफ निकालना चाहता है, तो कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के पास पीएफ निकासी के लिए फॉर्म 15जी की सुविधा है, जो पीएफ सदस्यों को बिना किसी टीडीएस कटौती के अपने पीएफ को ऑनलाइन पूर्व-निकासी करने में सक्षम बनाता है।

जानें क्या होता है फॉर्म 15जी

पीएफ निकासी के लिए फॉर्म 15जी के रूप में जाना जाने वाला एक स्व-घोषणा फॉर्म आवेदक को गारंटी देता है कि यदि वे किसी विशिष्ट वित्तीय वर्ष के अंत से पहले पीएफ लेते हैं, तो उनके फंड से कोई टीडीएस नहीं काटा जाएगा।

क्या होती है फॉर्म 15G के लिए पात्रता?

पीएफ निकासी से संबंधित टीडीएस बोझ को कम करने के लिए फॉर्म 15जी एक आवश्यक फॉर्म माना जाता है। गौरतलब है कि फॉर्म 15जी जमा करने के लिए आवश्यक शर्तें निर्धारित करना और गलत घोषणा करने से जुर्माना या कारावास भी हो सकता है। बता दें कि फॉर्म 15जी को पूरा करने से पहले आवेदक को निम्नलिखित महत्वपूर्ण विवरणों और पात्रता आवश्यकताओं के बारे में पता होना चाहिए।

1.केवल व्यक्ति ही फॉर्म 15जी भर सकते हैं, कोई फर्म या कंपनी इसे नहीं भर सकती है।

2.व्यक्ति भारत का निवासी हो और हिंदू-अविभाजित परिवार से हो।

3.व्यक्ति की आयु 60 वर्ष या उससे कम होनी चाहिए।

4.एक वित्तीय वर्ष में पीएफ बैलेंस निकासी राशि सहित आपकी कुल आय पर गणना की गई टैक्स राशि शून्य होनी चाहिए।

5.फॉर्म में प्रस्तुत की गई जानकारी सच, सही और पूरी होनी चाहिए।

इस तरह डाउनलोड करें फॉर्म 15G

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड(CBDT) ने फॉर्म 15G जमा करने की प्रक्रिया को डिजिटाइज कर दिया है। एक करदाता को केवल फॉर्म को ऑनलाइन डाउनलोड करते हुए इसे सही जानकारी के साथ पूरा करने के बाद जमा करना होगा। इसके अलावा, टीडीएस कटौती से बचने के लिए आप रीजनल ईपीएफओ ऑफिस को फिजिकल कॉपी भरकर मेल भी कर सकते हैं।

फॉर्म ऑनलाइन डाउनलोड करने की प्रक्रिया

1.आप ऑनलाइन पोर्टल ईपीएफओ से पीएफ निकासी फॉर्म 15जी डाउनलोड कर सकते हैं।

2.“ऑनलाइन सेवाओं” पर क्लिक करें और फिर “ऑनलाइन क्लेम” पर जाएं और आवश्यक विवरण भरें।

3.मोबाइल नंबर के अंतिम चार अंक सत्यापित करें, आपका पीएफ निकासी फॉर्म दिखाई देगा।

4.अपने पीसी या मोबाइल पर फॉर्म डाउनलोड करने के लिए “अपलोड फॉर्म 15जी” विकल्प देखें।

5.फॉर्म का पार्ट 1 भरें और इसे पीडीएफ में कन्वर्ट करें। ऑनलाइन क्लेम करते समय फॉर्म की पीडीएफ कॉपी अपलोड करें।

जान लें फॉर्म 15G भरने का सही तरीका

पीएफ विड्रॉल फॉर्म 15G को दो भांगों में बांटा गया है।

पार्ट 1

जो लोग विशेष आय पर टीडीएस कटौती का दावा नहीं करना चाहते हैं, उनके बारे में इस खंड में चर्चा की गई है। ऐसे लोगों को इस प्रकार फॉर्म भरना है।

पंजीकृत दस्तावेजों के अनुसार निर्धारिती का नाम।

पैन काड की जानकारी।

आयकर की स्थिति जैसे कि एक व्यक्ति, हिंदू-अविभाजित परिवार (एचयूएफ) या कोई ट्रस्ट।

आवासीय स्थिति यानि पता विवरण व पिन कोड।

ई-मेल आईडी और फोन नंबर।

यदि आपका आयकर अधिनियम 1961 के तहत कर निर्धारण किया गया है और रिटर्न के नवीनतम निर्धारण वर्ष का उल्लेख किया गया है, तो “हां” पर टिक करें।

अनुमानित आय का विवरण जिसके लिए घोषणा की गई है।

अब निवेश ब्याज आय का विवरण दर्ज करें। इसके लिए अपना पीएफ अकाउंट नंबर डालना होगा।

पार्ट 2

यहां फॉर्म उस व्यक्ति द्वारा भरा जाता है, जो कर निर्धारिती की ओर से सरकार को टीडीएस जमा करता है। इस व्यक्ति को कटौतीकर्ता के रूप में भी जाना जाता है।

फॉर्म 15G जमा करने के दौरान की गई किसी भी झूठी घोषणा के मामले में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 277 के तहत भारी जुर्माना और कारावास भी लगाया जाता है।

हम उम्मीद करते हैं कि ऊपर दी गई जानकारी से आप पीएफ निकासी को लेकर फॉर्म 15जी के बारे में समझ गए होंगे।

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Edited By: Piyush Kumar

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