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Lachit Borphukan Birth Anniversary: मुगलों से लोहा लेने वाले लचित बोरफुकन की 400वीं जयंती पर आज से होगा समारोह

Byadmin

Nov 23, 2022


Mahen KhannaPublish Date: Wed, 23 Nov 2022 12:05 PM (IST)Updated Date: Wed, 23 Nov 2022 12:05 PM (IST)

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। मुगल सेना को 17वीं सदी में परास्त करने वाले अहोम साम्राज्य के सेनापति लचित बोरफुकन की 400वीं जयंती का समारोह आज से दिल्ली के विज्ञान भवन में शुरू होगा। लचित बोरफुकन की जयंती 24 नवंबर को मनाई जाती है। असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा इसके मद्देनजर एक कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। यह समारोह तीन दिन तक चलेगा। समारोह के दूसरे दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे, जबकि 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसका समापन करेंगे। 

बोरफुकन पर एक पुस्तक राष्ट्र को समर्पित करेंगे पीएम मोदी

जयंती के मौके पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियां और एक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। वहीं प्रधानमंत्री मोदी 25 नवंबर को बोरफुकन को श्रद्धांजलि देते हुए एक पुस्तक राष्ट्र को समर्पित करेंगे। पीएम इसी के साथ कार्यक्रम को संबोधित भी करेंगे, तो वहीं अमित शाह लाचित पर एक डोक्यूमेंट्री फिल्म की स्क्रीनिंग का उद्घाटन करेंगे। असम के सीएम सरमा ने संवाददाताओं से कहा कि अनेक क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टेलीविजन चैनलों पर बाद में फिल्म दिखाई जाएगी।

पूर्वोत्तर में मुगलों को घुसने से रोका, गुवाहाटी से बाहर किया 

लचित ने मुगलों को पूर्वोत्तर में घुसने तक नहीं दिया और यहां तक की मुगलों के कब्जे से गुवाहाटी को छुड़ा कर उसपर फिर से अपना कब्जा भी कर लिया था। इसी गुवाहाटी को फिर से पाने के लिए मुगलों ने अहोम साम्राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ा था जिसे ‘सराईघाट की लड़ाई’ कहा जाता है। इस युद्ध में औरंगजेब की मुगल सेना 1,000 से अधिक तोपों के अलावा बड़े स्तर पर नौकाओं के साथ लड़ने आई थी लेकिन लचित ने उनके इरादों पर पानी फेर दिया था।

Edited By: Mahen Khanna

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