इमेज कैप्शन, बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला किया था
अंडर 19 वर्ल्ड कप मैच में टॉस के दौरान भारत और बांग्लादेश के खिलाड़ियों के हाथ न मिलाने पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने बयान जारी किया है.
भारत ने इस मैच में बांग्लादेश को डीएलएस मैथड से 18 रनों से हरा दिया लेकिन इस मैच की चर्चा हाथ न मिलाने को लेकर रही.
इस मैच की शुरुआत में जब दोनों टीमों के खिलाड़ी टॉस के लिए आए तो दोनों ने हाथ नहीं मिलाया था जिस पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने बयान जारी किया है.
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने कहा है, “टीम के नियमित कप्तान अज़ीज़ुल हाकिम बीमारी के कारण टॉस में शामिल नहीं हो पाए और उप कप्तान ज़वाद अबरार टॉस के लिए पहुंचे थे. बीसीबी यह स्पष्ट करना चाहता है कि विपक्षी कप्तान से हाथ न मिलाना पूरी तरह से अनजाने में और ध्यान भटकने की वजह से हुआ. इसमें विपक्षी टीम के प्रति असभ्य होने या अनादर दिखाने का कोई इरादा नहीं था.”
बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
इसे भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में लगातार बढ़ते तनाव के असर के तौर पर भी देखा गया और सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पर बहस शुरू कर दी.
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, टॉस के दौरान आयुष म्हात्रे और बांग्लादेश के उप कप्तान ज़वाद अबरार ने हाथ नहीं मिलाया
बीसीबी ने अपने बयान में कहा, “बोर्ड ने इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया है, क्योंकि क्रिकेट की भावना को बनाए रखना और विरोधियों का सम्मान करना किसी भी स्तर पर बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक ज़रूरी शर्त है और टीम मैनेजमेंट को तुरंत इस बारे में हिदायत दी गई है.”
“टीम के खिलाड़ियों को भी विरोधी टीमों के साथ हर तरह की बातचीत में खेल भावना, भाईचारे और आपसी सम्मान के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की उनकी ज़िम्मेदारी याद दिलाई गई है.”
बीसीबी ने कहा है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड मैदान के अंदर और बाहर क्रिकेट के मूल्यों के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.
अंडर-19 वर्ल्ड कप ज़िम्बाब्वे और नामीबिया में 15 जनवरी से खेला जा रहा है. भारत ने अपने पहले मैच में अमेरिका को 6 विकेट (डीएलएस मैथड) से हराया था.
दोनों कप्तानों ने नहीं मिलाया हाथ
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, आयुष म्हात्रे बांग्लादेश के ख़िलाफ़ मैच में 6 रन बनाकर आउट हुए
बांग्लादेश में शेख़ हसीना के तख़्तापलट के बाद से भारत और बांग्लादेश के रिश्ते तनावपूर्ण हो चले हैं.
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हिंसा की घटनाओं के बाद भारत में विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे.
इसके बाद आईपीएल की कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफ़िज़ुर रहमान को शामिल करने पर विवाद हुआ था.
मुस्तफ़िज़ुर को बीसीसीआई ने केकेआर से बाहर करने को कहा था.
इस पूरे विवाद की छाया अब अंडर-19 वर्ल्ड कप मैच में भी देखने को मिली है.
शनिवार को भारत के कप्तान आयुष म्हात्रे और बांग्लादेश के उप-कप्तान ज़वाद अबरार टॉस के लिए आए तो दोनों ने पारंपरिक तौर पर हाथ नहीं मिलाया.
बांग्लादेश की अंडर-19 टीम के कप्तान अज़ीज़ुल हाकिम हैं जबकि टॉस के लिए उप-कप्तान अबरार आए.
हालांकि अज़ीज़ुल हाकिम भारत के ख़िलाफ़ 11 खिलाड़ियों में शामिल थे. अब बीसीबी ने कहा है कि वो बीमार होने की वजह से टॉस के दौरान नहीं आए.
अबरार ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला किया था.
सोशल मीडिया पर चर्चा
अंडर-19 टीम के कप्तानों के हैंडशेक न करने की चर्चा सोशल मीडिया पर है.
स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट अमोल करहडकर ने एक्स पर लिखा, “मैदान के बाहर वीज़ा कूटनीति. मैदान पर हाथ न मिलाने की नीति. क्रिकेट कभी एक ज़माने में जेंटलमैन का खेल माना जाता था.”
वहीं एक बांग्लादेशी क्रिकेट फ़ैन ने एक्स पर लिखा, “नो हैंडशेक ड्रामा जारी है. इस बार इसमें बांग्लादेश को शामिल किया जा रहा है.”
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच ‘नो हैंडशेक’ विवाद देखा जा चुका है
भारत और पाकिस्तान के बीच हो चुका है ‘नो हैंडशेक’
इससे पहले एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच ‘नो हैंडशेक’ का मामला देखा जा चुका है.
भारत और पाकिस्तान के बीच बीते साल मई महीने में सैन्य संघर्ष के बाद सितंबर में एशिया कप के दौरान दोनों देशों की टीमें पहली बार आमने-सामने थीं.
टॉस के समय भी भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और पाकिस्तान के कप्तान सलमान आग़ा के बीच रस्मी ‘हैंडशेक’ नहीं हुआ था.
पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि मैच रेफ़री एंडी पाइक्रॉफ़्ट ने टॉस के दौरान दोनों टीम के कप्तानों को हाथ न मिलाने को कहा था. इसकी शिकायत पाकिस्तान ने आईसीसी से भी की थी.
साथ ही पाकिस्तान ने यह भी धमकी दी थी कि अगर मैच रेफ़री को न हटाया गया तो वह यूएई के ख़िलाफ़ मैच नहीं खेलेगा. यही कारण था कि एशिया कप में पाकिस्तान और यूएई का नॉकआउट मैच देरी से शुरू हुआ था.
इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने दावा किया था कि मैच रेफ़री एंडी पाइक्रॉफ़्ट ने इस मामले में माफ़ी मांगी थी.
हालांकि, ‘नो हैंडशेक की नीति’ दोनों टीमों ने एशिया कप के फ़ाइनल मैच तक अपनाए रखी. भारत ने फ़ाइनल मैच में पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया था.
हालांकि दोनों टीमों के बीच तनाव उस समय भी देखा गया जब एशिया क्रिकेट काउंसिल के चैयरमेन और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी से भारतीय टीम ने ट्रॉफ़ी नहीं ली.
मोहसिन नक़वी ये ट्रॉफ़ी अपने साथ लेकर चले गए थे और भारत को अभी तक एशिया कप की ट्रॉफ़ी नहीं मिल पाई है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.