जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल द्वारा शनिवार को ईरान पर किए गए हमले और उसके जवाब में ईरानी कार्रवाई के चलते शनिवार को अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाएं बुरी तरह चरमरा गईं।
ईरान के मिसाइली हमलों के बाद दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट एवं अल मकतूम इंटरनेशनल को बंद कर दिया। दुनियाभर के अधिकांश देशों की एयरलाइनों ने पश्चिमी एशिया में अपनी उड़ानें रद कर दीं।
उड़ान मानचित्रों में दिखाया गया कि ईरान, इराक, कुवैत, इजरायल और बहरीन के ऊपर का एयरस्पेस हमलों के बाद लगभग खाली हो गया। इस बीच इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियों में दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हजारों यात्री फंसे हुए दिख रहे हैं और अव्यवस्था का आलम नजर आया। दुबई एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और एहतियातन यह कदम उठाया गया है।
अथॉरिटी की ओर से कहा गया- ” दुबई इंटरनेशनल और दुबई वर्ल्ड सेंट्रल – अल मकतूम इंटरनेशनल (डीडब्ल्यूसी) में सभी फ्लाइट ऑपरेशन अनिश्चितकाल के लिए रोक दिए गए हैं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे इस समय एयरपोर्ट न जाएं और अपनी फ्लाइट्स के बारे में लेटेस्ट अपडेट के लिए सीधे अपनी-अपनी एयरलाइन से संपर्क करें। हम हालात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।”
रॉयटर के अनुसार, एमिरेट्स और फ्लाईदुबई ने अस्थायी रूप से विमानों का संचालन रोक दिया, जबकि एतिहाद ने रविवार को 1000 जीएमटी तक अबू धाबी से सभी फ्लाइटें निलंबित कर दीं।
अमेरिकी व इजराली हमलों के जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और उससे जुड़ी जगहों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। मिसाइलों के धमाकों की गूंज अबू धाबी, दुबई, दोहा, रियाद और मनामा समेत कई खाड़ी राजधानियों में सुनाई दी।
दुबई में प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने जोरदार धमाके सुने जिससे खिड़कियां हिल गईं, कुछ ने बताया कि मिसाइलें आकाश में तेजी से जाती दिख रही थीं। हमलों में यूएई में अल धफरा एयर बेस, कतर में अल उदीद एयर बेस जैसी जगहों को निशाना बनाया गया, जहां अमेरिकी सेना मौजूद थी।
कुवैत में ईरानी हमले ने अली अल सलेम एयर बेस के एक रनवे को काफी नुकसान पहुंचाया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि दोहा के हमद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गेट लगभग खाली थे क्योंकि फंसे हुए यात्री होटल की व्यवस्था करने के लिए कतार में खड़े थे। जैसे-जैसे क्षेत्र के देशों ने अपना एयरस्पेस बंद किया, विमानों को लार्नाका, जेद्दा, काहिरा और रियाद के चारों ओर मोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।
फ्लाइटरेडार24 भी भारी डिमांड के कारण कुछ देर के लिए बंद हो गया। ब्रिटिश एयरवेज लुफ्थांसा ने भी तीन मार्च तक तेल अवीव और बहरीन के लिए उड़ानें रद कर दी हैं। यूरोपीय संघ के विमानन नियामक ईएएसए ने भी शनिवार को अपनी एयरलाइनों को प्रभावित एयरस्पेस से बाहर रहने की एडवाइजरी जारी की।
लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से भी पश्चिम एशिया को जाने वाली उड़ानें रद कर दी हैं। वहीं, फ्रांस की एयरलाइंस एयर फ्रांस ने एक मार्च तक के लिए तेल अवीव, बेरूत, दुबई और रियाद जाने वाली सभी उड़ानें रद कर दी हैं।
फ्लाइट रडार 24 के अनुसार, हमले शुरू होने के बाद काजान से दुबई जा रही फ्लाइट को बाकू की तरफ मोड़ दिया गया, जबकि शारजाह से मास्को जाने वाली उड़ान को पाक के रास्ते गंतव्य की ओर भेजा गया। इसके अलावा दुबई से सैन फ्रांसिस्को उड़ान को अफगानिस्तान और पाकिस्तान की तरफ से रवाना किया गया।
एअर इंडिया-इंडिगों ने दुबई, दोहा, अबू धाबी, रियाद और जेद्दा जाने वाली 85 प्रतिशत उड़ानें रद की
तनावपूर्ण हालात के बीच एअर इंडिया और इंडिगो ने खाड़ी देशों के लिए अपनी कई उड़ानों को रद या स्थगित किया। एयरलाइनों ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है और स्थिति सामान्य होने पर सेवाएं बहाल की जाएंगी। यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।’
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी संबंधित एयरलाइनों से नियमित संपर्क में रहें और यात्रा से पहले उड़ान की स्थिति की पुष्टि अवश्य करें। एयरलाइनों को भी निर्देश दिया गया है कि वे देरी, री-रूटिंग या कैंसिलेशन की सूचना समय पर यात्रियों तक पहुंचाएं।
आइजीआइ एयरपोर्ट, जो भारत से पश्चिम एशिया और यूरोप के लिए सबसे बड़ा हब है, वहां की उड़ान सेवाओं पर मध्यपूर्व में छाए संकट का जबरदस्त असर देखने को मिला। सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए तमाम एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों को बड़े पैमाने पर रद या डायवर्ट किया है।
शनिवार सुबह आइजीआइ एयरपोर्ट से तेल अवीव (इजरायल) के लिए रवाना हुई एअर इंडिया की उड़ान संख्या एआइ 139 को उस समय वापस मोड़ना पड़ा जब विमान ईरान के करीब था।
इजरायली एयरस्पेस बंद
इजरायली एयरस्पेस बंद होने और मिसाइल हमलों के खतरे को देखते हुए पायलट ने यूटर्न लिया। सामान्य दिनों में आइजीआइ एयरपोर्ट से मध्य पूर्व के लिए रोजाना लगभग 45 से 55 उड़ानों का आवागमन होता है।
शनिवार को एअर इंडिया और इंडिगो ने दिल्ली से दुबई, दोहा, अबू धाबी, रियाद और जेद्दा जाने वाली अपनी 85 प्रतिशत उड़ानों को रद कर दिया। फिलहाल यह रद्दीकरण अगले 48 से 72 घंटों के लिए प्रभावी है। दिल्ली से लंदन, पेरिस, न्यूयार्क और शिकागो जाने वाली लंबी दूरी की उड़ानों पर इस युद्ध का सबसे बुरा असर पड़ा है।
मुंबई एयरपोर्ट पर 57 फ्लाइट्स रद हुईं
पहले ये उड़ानें ईरान और इराक के ऊपर से गुजरती थीं। अब इन्हें मध्य एशिया में उज्बेकिस्तान या कजाकिस्तान) या दक्षिण में तुर्किए के ऊपर से होकर जाना पड़ेगा। इस डायवर्जन के कारण उड़ानों का समय दो से चार घंटे बढ़ेगा। इस बीच, पश्चिम एशिया संकट के कारण मुंबई एयरपोर्ट पर 57 फ्लाइट्स रद हुईं।