डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अखिल भारतीय शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (एआइएसपीएलबी) ने युद्धविराम का स्वागत करते हुए कहा कि ईरान अब एक ‘सुपर पावर’ है।
युद्ध की शुरुआत से ही एआइएसपीएलबी ईरान पर हमलों, विशेष रूप से अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करता रहा है।
मौलाना यासुब अब्बास ने कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को एक समय सीमा दी थी और फिर युद्धविराम हुआ। इससे पता चलता है कि ईरान वेनेजुएला या कोई ऐसा देश नहीं है, जो विश्व महाशक्तियों के सामने झुक जाए। इस युद्धविराम की घोषणा के साथ ईरान अब एक ‘सुपर पावर’ बन गया है, जिसने अमेरिका और इजरायल के हमलों और धमकियों के आगे घुटने नहीं टेके।’
बोर्ड ने कहा कि ईरान के लोगों और नेतृत्व को अमेरिका और इजरायल के साथ 40 दिनों के संघर्ष में उल्लेखनीय सफलता मिली, जिसके लिए उन्हें बधाई।
अब्बास ने कहा कि अब स्पष्ट हो गया है कि ईरान उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में सामने आया है। संघर्ष के दौरान ईरान ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय सिद्धांतों का सम्मान किया और कभी भी स्कूलों या अस्पतालों को निशाना नहीं बनाया।