डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के तीन बैंकों ने सोमवार को उद्योगपति अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के बैंक खातों को धोखाधड़ी वाले खाते के रूप में वर्गीकृत करने की कार्यवाही पर रोक के खिलाफ अपील दायर की।
बैंकों ने बॉम्बे हाई कोर्ट की एकल पीठ के दिसंबर, 2025 के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें आइबीआई के अनिवार्य नियमों के उल्लंघन का हवाला देकर अंबानी और उनकी कंपनी को अंतरिम राहत दी गई थी।
एकल पीठ के आदेश ने इंडियन ओवरसीज बैंक, आइडीबीआइ बैंक और बैंक आफ बड़ौदा की ओर से की जाने वाली सभी मौजूदा और भावी कार्रवाइयों पर रोक लगा दी थी।
चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अखंड की पीठ के समक्ष सोमवार को सुनवाई के लिए आई अपील में तीनों बैंकों ने कहा कि फारेंसिक आडिट, जिसके आधार पर खातों को धोखाधड़ी वाले खाते के रूप में वर्गीकृत किया गया था, कानूनी रूप से वैध था और धन की हेराफेरी के गंभीर निष्कर्षों पर अधारित था।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)