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अमेरिका वित्त विभाग ने ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी तौर पर हटा रहा है. यह तेल अभी समुद्र में है और इसे ज़्यादातर देशों को बेचने की अनुमति दी जा रही है.
अमेरिका के इस फ़ैसले का मक़सद वैश्विक बाज़ार में तेल की क़ीमतों को कम रखना है.
बेसेंट ने कहा कि ईरान को इस बिक्री से होने वाले किसी भी वित्तीय लाभ तक “पहुँचने में मुश्किल होगी.”
बेसेंट ने कहा, “यह अनुमति सख़्ती से केवल उस तेल तक सीमित है जो पहले से ही रास्ते में है और यह नई ख़रीद या उत्पादन की अनुमति नहीं देती है. असल में, हम तेल की क़ीमतें कम रखने के लिए ईरान के बैरल का इस्तेमाल उसके ख़िलाफ़ ही करेंगे.”
युद्ध शुरू होने के बाद से, और मध्य पूर्व में ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर ईरानी हमलों के बाद से, तेल और गैस की क़ीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं.
ब्रेंट क्रूड ऑयल की क़ीमत क़रीब 112 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है. इसमें शुक्रवार को 3% और पिछले एक साल में 53% की बढ़ोतरी हुई है.