आंध्र प्रदेश पुलिस ने हाल ही में एक लोन वुल्फ (अकेले काम करने वाले आतंकी) अबू बकर सिद्दीकी को गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि वह बम बनाना जानता है और पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि वह अकेले काम कर रहा था। वह वांछित अपराधी जाकिर नाइक के उपदेशों से प्रेरित था। भारतीय एजेंसियां कई सालों से नाइक की तलाश में हैं।
आईएएनएस, नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश पुलिस ने हाल ही में एक ‘लोन वुल्फ’ (अकेले काम करने वाले आतंकी) अबू बकर सिद्दीकी को गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि वह बम बनाना जानता है और पूछताछ के दौरान, उसने पुलिस को बताया कि वह अकेले काम कर रहा था। वह वांछित अपराधी जाकिर नाइक के उपदेशों से प्रेरित था। भारतीय एजेंसियां कई सालों से नाइक की तलाश में हैं। उसका प्रभाव सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अन्य देशों में भी है।
2016 में मलेशिया भागा नाइक वहां आजाद घूम रहा है
एजेंसियों का कहना है कि नाइक को किसी भी आतंकी समूह से ज्यादा खतरनाक माना जा सकता है। उसके भाषण और संदेश आनलाइन लाखों लोगों तक पहुंचते हैं और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का कारण बन रहे हैं। 2016 में मलेशिया भागा नाइक वहां आजाद घूम रहा है और उस पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
नाइक भले ही कोई आतंकी मॉड्यूल न चलाता हो या हमलों की योजना न बनाता हो, फिर भी, वह बड़ा खतरा है। अधिकारियों का कहना है कि नाइक काफी शातिर है। वह खुले तौर पर हमलों के बारे में बात नहीं करता।
नाइक ने अल-कायदा को खुलेआम समर्थन दिया था
भारत को मनी लॉन्ड्रिंग और भड़काऊ भाषणों से अतिवाद को बढ़ावा देने के आरोपों में उसकी सरगर्मी से तलाश है। नाइक का कई देशों में स्वागत नहीं किया जाता क्योंकि उसके भाषण युवाओं को चरमपंथी रास्ते अपनाने के लिए उकसाते हैं। नाइक ने अल-कायदा को खुलेआम समर्थन दिया था।
हालांकि, वह आधिकारिक तौर पर किसी भी आतंकी समूह का हिस्सा नहीं है। वह अकेले काम करता है। गौरतलब है कि 2016 में ढाका कैफे में हुए हमले, जिसमें 22 लोगों की जान गई थी, का भी नाइक से संबंध था। हालांकि, वह योजना में शामिल नहीं था, लेकिन हमलावरों ने कहा था कि उसके भाषणों ने ही उन्हें हमले करने के लिए प्रेरित किया।