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कांग्रेस नेता दीपेंदर हुड्डा ने दिल्ली के सत्य निकेतन में हॉस्टल हादसे के बाद दिल्ली सरकार को घेरा है.
घटनास्थल पर मौजूद हुड्डा ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, ”इस हादसे का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. पिछले चार साल से दिल्ली में हॉस्टल बिल्डिंग्स ध्वस्त हो रही हैं. हर साल बच्चों के जानें जा रही हैं और सरकार की कोई जवाबदेही नहीं है.”
”आज भी जब ये हादसा हुआ, उसके दो घंटे बाद भी न पुलिस आई, न फ़ायर ब्रिगेड, और न एंबुलेंस.”
उन्होंने कहा, ”विनोद जी (एनएसयूआई अध्यक्ष) और कई स्टूडेंट मौके पर पहुंचे और खुद मलबा हटाकर तीन बच्चों को बाहर निकालने में मदद की.”
”अभी भी स्टूडेंट्स मलबा हटाने में जुटे हैं. यहां प्रशासन का बचाव अभियान ठीक से नहीं चल रहा है.”
दीपेंदर हुड्डा ने कहा, ” बचाव अभियान का समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का है. सबसे पहले सरकार को एक सूची जारी करनी चाहिए, जिसमें बताया जाए कि कितने बच्चों को बचाया गया है और कितने अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं.”
उन्होंने कहा, ” इस हादसे की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए. नक्शों को मंजूरी किसने दी? स्थानीय विधायक कौन हैं? मुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.”
उन्होंने कहा, ”दिल्ली से सात सांसद हैं. एनसीआर क्षेत्र से मैं विपक्ष का अकेला सांसद हूं. मैं सुबह से यहां मौजूद हूं. दिल्ली के सातों बीजेपी सांसद और एनसीआर के बाकी 15 बीजेपी सांसद कहां हैं?”
दिल्ली के सत्य निकेतन मार्केट इलाक़े में रविवार दोपहर एक पांच मंज़िला पीजी इमारत गिर गई थी जिसमें कई लोगों के अब भी दबे होने की आशंका है.
समाचार एजेंसी पीटीआई और एएनआई के मुताबिक़ अब तक 5 लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है.