राजस्थान हाई कोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी जिसके बाद उसे जोधपुर सेंट्रल जेल में समर्पण करना पड़ा। नाबालिग छात्रा से रेप के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को कोर्ट ने स्वास्थ्य कारणों से राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने एम्स की रिपोर्ट के आधार पर कहा कि आसाराम की स्थिति स्थिर है लेकिन नर्सिंग देखभाल की जरूरत है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा 27 अगस्त को आसाराम की अंतरिम जमानत बढ़ाने से इन्कार के के बाद उसे पुन: जेल लौटना पड़ा। नाबालिग छात्रा से रेप के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम ने शनिवार सुबह जोधपुर सेंट्रल जेल में समर्पण किया।
बता दें कि जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान आसाराम की जमानत याचिका खारिज की थी। कोर्ट ने जोधपुर एम्स के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट का हवाला देते कहा था कि आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति स्थिर है और अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं है।
हालांकि, कोर्ट ने आसाराम की विशेष नर्सिंग देखभाल और नियमित निगरानी की जरूरत बताई। कोर्ट ने यह भी कहा कि आसाराम ने पिछले कुछ महीनों में विभिन्न अस्पतालों में यात्रा की, लेकिन नियमित फॉलोअप नहीं कराया।
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