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देश के सबसे साफ़ शहरों में शुमार इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में मंगलवार को दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत होने और सैकड़ों लोगों के गंभीर रूप से बीमार होने का मामला सामने आया.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को इस मामले में चार लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की. लेकिन कई रिपोर्ट्स में 10 मौतों तक की बात कही जा रही है.
सीएम ने यह भी बताया कि अब तक 212 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इनमें से 50 लोगों को डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि 162 अब भी भर्ती हैं. इनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.
इस पूरे मामले पर एक पत्रकार के सवाल पर स्थानीय विधायक और मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसको लेकर उनकी काफ़ी आलोचना हो रही है.
हालांकि, इसके कुछ देर बाद ही मंत्री विजयवर्गीय ने अपने बयान पर खेद जताया और सफाई दी.
बुधवार को मंत्री विजयवर्गीय से एनडीटीवी के पत्रकार अनुराग द्वारी ने सवाल किया, ‘बहुत सारे लोगों को इलाज का पैसा वापस नहीं मिला है और पीने के पानी की ठीक से व्यवस्था नहीं है?’
इसके आगे पत्रकार अपनी बात रखते हैं, जिस पर कैलाश विजवर्गीय आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं.
दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार की ओर से एलान किया गया था कि दूषित पानी से बीमार हुए लोगों का निःशुल्क इलाज होगा और जिन लोगों ने इलाज में पैसे ख़र्च किए हैं, उन्हें पैसे वापस किए जाएंगे.