अनूप कुमार सिंह, नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े महासंग्राम के बीच वहां फंसे भारत व अन्य देशों के नागरिक सुरक्षित बाहर निकलने के रास्ते तलाश रहे हैं। ईरान में फंसे पाकिस्तान और इराक के नागरिक अपने-अपने देशों के सीमावर्ती इलाकों की तरफ पैदल या अन्य साधनों से निकलना शुरू कर चुके हैं।
इराक पहुंचने के बाद वे दूतावास की मदद से स्वदेश लौटने की कोशिश कर रहे हैं। इससे ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों में भी आस बंधी है कि वह भी इराक के रास्ते स्वदेश लौट सकते हैं। उनकी मांग है कि भारत सरकार भी इस रास्ते से उनकी वापसी करवाए।
वर्तमान में करीब 1200 भारतीय छात्र और लगभग 3000 अन्य भारतीय नागरिक ईरान में फंसे
इंटरनेशनल स्टूडेंट एसोसिएशन ऑफ ईरान (आइएसएआइ) के प्रमुख डा. सैयद हादी शाह श्रीनगर के रहने वाले हैं। वे भी ईरान में फंसे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में करीब 1200 भारतीय छात्र और लगभग 3000 अन्य भारतीय नागरिक ईरान में फंसे हैं। हालांकि, स्थानीय स्तर पर भारतीयों की कुल संख्या 10 हजार से अधिक मानी जाती है। इनमें से दूरदराज इलाकों में रहने वाले कई लोगों का अब तक भारतीय दूतावास से संपर्क नहीं हुआ है।
उन्होंने बताया कि ईरान के सीमावर्ती इलाकों तफ्तान-मिर्जावेह, गब्द-रिमदान और कुहक से होकर कई पाकिस्तानी नागरिक अपने देश लौट गए हैं। वहीं, इराक जाने वाले नागरिक पश्चिमी सीमा पर स्थित मेहरान-जुरबतिया, खोस्त्रवी-मुंधरिया और शलमचेह-बसरा मार्गों से सीमा पार कर रहे हैं।
इससे उत्साहित ईरान में फंसे अन्य देशों के नागरिक भी अपने-अपने दूतावासों के माध्यम से इराक सरकार से संपर्क कर रहे हैं, ताकि उन्हें सुरक्षित इराक में प्रवेश दिलाकर वहां से हवाई या अन्य मार्ग से उनके देश भेजा जा सके।
अपने नागरिकों को निकालने के लिए अभियान शुरू करे सरकार
डॉ. सैयद हादी शाह ने बताया कि अफगानिस्तान, चीन, सीरिया के साथ कुछ यूरोपीय व अफ्रीकी देशों के नागरिक अपने-अपने दूतावासों के माध्यम से इराक व पाकिस्तान सरकार से संपर्क कर रहे हैं।
पहले वह ईरान से इराक या पाकिस्तान के बार्डर तक पहुंच रहे हैं। उसके बाद उन्हें हवाई या अन्य साधनों से उनके देश भेजा जा रहा है। डॉ. हादी ने कहा कि ईरान में फंसे भारतीय नागरिक भी चाहते हैं कि भारत सरकार उन्हें भी इसी तरह ईरान से बाहर निकाले।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इराक सीमा के रास्ते अपने नागरिकों को निकालने के लिए संगठित निकासी अभियान चलाना चाहिए। इसके अलावा फारस की खाड़ी स्थित ईरान का प्रमुख बंदरगाह ‘बंदर अब्बास’ फिलहाल सुरक्षित बताया जा रहा है। इसलिए वहां से समुद्री जहाज से भारतीयों को निकाला जा सकता है।
आज यूएई के लिए भी विशेष उड़ानें संभव
प्रेट्र के अनुसार, फंसे यात्रियों को वापस लाने के लिए इंडिगो ने मंगलवार को जेद्दा के लिए चार रिपेट्रिएशन (निकासी) उड़ानें संचालित कीं। एयरलाइन मस्कट के लिए भी एक अतिरिक्त उड़ान की योजना बना रही है।
स्थिति सामान्य होने पर चार मार्च को यूएई के लिए भी विशेष उड़ानें संभव हैं। इंडिगो मस्कट, जेद्दा, मदीना और एथेंस के लिए कुल 26 उड़ानें बहाल कर रही हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।