डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एक बार धोखा खाने के बाद, इंसान ज्यादा सावधान हो जाता है। रविवार से लागू हुए गर्मियों के शेड्यूल में पिछली गर्मियों के मुकाबले लगभग 12% कम घरेलू उड़ानें हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि एविएशन अधिकारियों ने इंडिगो के अनुमानों को मंजूरी देने में काफी सावधानी बरती है।
जहां एयरलाइन ने हर हफ्ते एक नया विमान मिलने का अनुमान लगाया था, वहीं अधिकारियों ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन से कहा कि वह उड़ानों के लिए आवेदन तभी करे, जब उसे और विमान मिल जाएं और वह यह साबित कर सके कि उसके पास इसके लिए जरूरी संसाधन मौजूद हैं। इनमें पायलटों की संख्या भी शामिल है।
‘जो पहले हुआ वह दोहराना नहीं चाहते’
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया, “हम नहीं चाहते थे कि पिछले दिसंबर में जो हुआ, वह फिर से दोहराया जाए। इसलिए इस बार हमने अतिरिक्त सावधानी बरती।” पिछले साल के मुकाबले, इस गर्मियों के लिए लगभग सभी एयरलाइनों ने अपनी घरेलू उड़ानों की संख्या कम रखी है।
उन्होंने आगे कहा, “हमारा मानना था कि इंडिगो को फिर से जरूरत से ज्यादा उड़ानें नहीं भरनी चाहिए। हम इस संख्या को समय-समय पर बदलते रहेंगे, जैसे-जैसे वे ज्यादा उड़ानें संचालित करने की क्षमता दिखा पाएंगे।”
पिछली बार कितनी थी उड़ानों की संख्या
पिछली गर्मियों में DGCA ने 25,610 साप्ताहिक घरेलू उड़ानों के लिए एक शेड्यूल मंजूर किया था, जो 2024 की गर्मियों की 24,275 उड़ानों से 5.5% ज्यादा था। इस बार यह संख्या लगभग 3,000 या 12% कम होने की उम्मीद है।