जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। मध्य मार्च के बाद मौसम ने करवट ली थी और देश के कई हिस्सों में बारिश के साथ मौसम में भी ठंडक रही। अब अप्रैल से जून के बीच मौसम का मिजाज उलझा हुआ रहने वाला है। इस दौरान देश के कई हिस्सों में सामान्य से ज्यादा बारिश होगी तो दूसरी ओर गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद भी नहीं है।
मतलब यह कि बारिश और गर्मी साथ-साथ चलेंगी, जिससे उमस एवं परेशानी बढ़ सकती है। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने गर्मी के पूरे दौर में हीटवेव के दिनों की संख्या सामान्य से ज्यादा रहने की आशंका जताई है। खासकर उत्तर-पश्चिमी, मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होगी।
लू का भी दिखेगा असर
दक्षिण-पूर्वी इलाकों में भी लू का असर दिख सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अप्रैल में देशभर में सामान्य से लगभग 112 प्रतिशत ज्यादा बारिश होगी। यानी कई क्षेत्रों में अच्छी वर्षा हो सकती है। मगर इसका मतलब यह नहीं है कि तापमान नीचे आ जाएगा। असल समस्या यही है कि बारिश के बावजूद गर्मी बनी रहेगी। नमी बढ़ने से उमस और बेचैनी ज्यादा महसूस हो सकती है।
सामान्य से ज्यादा बारिश के चलते अधिकतम तापमान सामान्य या इससे थोड़ा कम रह सकता है, मगर उत्तर-पश्चिम और दक्षिण के कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य से ऊपर जा सकता है। इससे वहां गर्मी ज्यादा महसूस होगी। सबसे बड़ी चिंता न्यूनतम तापमान को लेकर है। मौसम विभाग का कहना है कि देश के अधिकांश हिस्सों में रात का तापमान सामान्य से ज्यादा रहेगा। यानी रात में भी राहत नहीं मिलने वाली है।
मार्च में सामान्य से ज्यादा 33.7 मिमी बारिश
मार्च के आंकड़े भी इसी ट्रेंड की ओर इशारा करते हैं। इस साल मार्च में सामान्य से ज्यादा 33.7 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद तापमान ऊंचा रहा। खासकर न्यूनतम तापमान 1901 के बाद दूसरे सबसे ऊंचे स्तर पर रहा। इससे साफ है कि बारिश और गर्मी का यह असामान्य मेल आगे भी जारी रह सकता है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश और आंधी-तूफान के बीच गर्मी बनी रहेगी।
मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है। हवा की रफ्तार 40 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। फिर भी दिन का तापमान सामान्य से ऊपर ही रहने का अनुमान है। अप्रैल में ओडिशा, बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हीटवेव के दिन ज्यादा रह सकते हैं।