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ईरान ने अमेरिका के सामने एक समझौते का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत होर्मुज़ स्ट्रेट को एक हफ़्ते के भीतर फिर से खोला जा सकता है.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने की प्रक्रिया तभी शुरू होगी, जब अमेरिका समझौते में तय ज़रूरी शर्तों को पूरा करेगा.
अराग़ची ने इन शर्तों का विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया. हालांकि, उन्होंने कहा, “इनका उल्लेख जून में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) में पहले ही किया जा चुका है.”
ईरानी विदेश मंत्री स्पष्ट तौर पर कहा कि अब फ़ैसला अमेरिका के हाथ में है. उन्होंने बताया कि ईरान का प्रस्ताव क़तर के माध्यम से अमेरिका तक पहुंचाया गया है.
ईरान के प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर एक अमेरिकी अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के ज़रिए सकारात्मक बातचीत चल रही है. अधिकारी के मुताबिक़, इन बातचीत में परमाणु मुद्दे भी शामिल हैं.
समझौते में क्या शर्तें थीं?
दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच 18 जून को हुए 14 सूत्री एमओयू का उद्देश्य संघर्षविराम लागू करना और होर्मुज़ स्ट्रेट को आंशिक रूप से खोलना था.
समझौते में ईरान के परमाणु हथियार हासिल नहीं करने की शर्त शामिल थी. इसके अलावा अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगियों की ओर से सभी मोर्चों पर सैन्य अभियान समाप्त करने की बात थी.
एमओयू में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी ख़त्म करने और ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों में राहत से जुड़े प्रावधान भी शामिल थे.