इमेज कैप्शन, ईशान किशन ने टी-20 वर्ल्ड कप फ़ाइनल मैच में 25 गेंदों में 54 रनों की पारी खेली
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क्रिकेट करियर में उतार-चढ़ाव लगे रहते हैं. इस दौरान परफ़ॉर्म न कर पाने पर टीम से ड्रॉप किया जाना या किसी बेहतर विकल्प के तौर पर किसी खिलाड़ी को भी मैदान के बाहर बेंच पर बिठा दिया जाता है.
हालांकि एक बल्लेबाज़ के मामले में ऐसा कुछ भी नहीं था. कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि व्यक्तिगत कारणों और मानसिक थकान की वजह से मांगे गए ब्रेक के बाद उस खिलाड़ी को कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से ही बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.
इसके बाद शुरू हुआ दो साल के ‘वनवास’ का वो दौर जिसकी इबारत हालिया टी-20 वर्ल्ड कप में लिखी गई है.
इसके साथ ही बीते रविवार की रात उस खिलाड़ी ने अपनी दमदार पारी की बदौलत भारतीय क्रिकेट टीम को टी-20 वर्ल्ड कप जीत दिलाने में ख़ास भूमिका निभाई.
अब तक आपको अंदाज़ा लग ही गया होगा कि हम भारतीय बल्लेबाज़ ईशान किशन की बात कर रहे हैं.
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टी-20 वर्ल्ड कप में चार अर्धशतक
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इमेज कैप्शन, ईशान किशन ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 77 रनों की पारी खेली
दो साल टीम इंडिया से बाहर रहने वाले ईशान किशन को बीते साल दिसंबर में ही पता चला कि उनकी टीम में वापसी हो गई है. इससे पहले उन्होंने घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट में कामयाबी के झंडे गाड़े थे.
ईशान किशन ने सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफ़ी में 197 के स्ट्राइक रेट के साथ सबसे ज़्यादा 517 रन बनाए थे. इसके फ़ाइनल में उन्होंने 45 गेंद पर सेंचुरी जड़ी और झारखंड को पहली बार इस टूर्नामेंट का विजेता बनाया.
लगभग ऐसी ही फ़ॉर्म उनकी टी-20 वर्ल्ड कप में भी जारी रही. फ़ाइनल मैच में उन्होंने 25 गेंदों में 54 रनों की पारी खेली, इस दौरान उन्होंने चार चौके और चार छक्के लगाए.
टी-20 वर्ल्ड कप में उन्होंने चार अर्धशतक लगाए. इनमें 53 रन की पारी दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़, 61 रन की नामीबिया, 77 रन की पाकिस्तान और 54 रन की न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ शामिल है.
ईशान किशन ने इस पूरे टूर्नामेंट में 317 रन बनाए और वो मैन ऑफ़ टूर्नामेंट संजू सैमसन (321) से सिर्फ़ चार रन पीछे रहे.
मैच से पहले दुख भरी ख़बर
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इमेज कैप्शन, फ़ाइनल के दौरान ईशान किशन ने बेहतरीन फ़ील्डिंग का प्रदर्शन किया
हालांकि फ़ाइनल मैच से एक दिन पहले ईशान किशन को एक दुख का भी सामना करना पड़ा. उनकी चचेरी बहन और उनके पति का एक कार एक्सीडेंट में देहांत हो गया.
इस दुर्घटना के कारण ईशान किशन के परिजन भी अहमदाबाद में मैच के दौरान नहीं मौजूद थे. उनके पिता ने द टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार से कहा, “हम सब सदमे में हैं. ईशान हमसे मिलने आना चाहता था, लेकिन फ़ाइनल की वजह से वह नहीं आ सका. वह पूरी तरह से परेशान है.”
पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ़्रेंस में ईशान किशन ने कहा, “मैंने कल अपनी चचेरी बहन को एक सड़क दुर्घटना में खो दिया और वो हमेशा चाहती थी कि मैं बड़ी पारी खेलूं. यह उसके लिए था. मुझे इसके बारे में कल पता चला और मैं बेहद परेशान था.”
फ़ाइनल मैच में सिर्फ़ ईशान ने बल्लेबाज़ी ही नहीं बल्कि फील्डिंग से भी अपना मुरीद बनाया. उन्होंने न्यूज़ीलैंड के सलामी बल्लेबाज़ टिम सीफ़र्ट का 52 रन के निजी स्कोर पर शानदार कैच लपका.
इसके अलावा उन्होंने रचिन रविंद्र और डेरिल मिचेल के भी कैच लिए. ईशान किशन की तारीफ़ के कसीदे आम से लेकर ख़ास लोगों ने गढ़े.
पूर्व क्रिकेट सचिन तेंदुलकर ने फ़ाइनल मैच की भारतीय को लेकर एक्स पर लिखा, “ईशान किशन ने पारी में असली गति ला दी.”
टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान ईशान किशन की बल्लेबाज़ी का क्रम भी नीचे किया गया. आख़िर के चार मैचों में संजू सैमसन की प्लेइंग इलेवन में वापसी के बाद उन्होंने तीसरे पायदान पर उतरना शुरू किया.
इसके बाद भी उन्होंने उसी बल्लेबाज़ी की गति को बनाए रखा. इस पर पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर इरफ़ान पठान ने एक्स पर लिखा, “ईशान को ओपनर से नंबर तीन पर लाया गया और वो अब भी परफ़ॉर्म कर रहे हैं.”
दो साल बाहर रहने का दर्द
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इमेज कैप्शन, पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ़्रेंस में ईशान किशन ने दो साल टीम से बाहर रहने के अनुभवों पर भी बात की
टीम से दो साल तक बाहर रहने का दर्द आख़िरकार ईशान किशन की ज़ुबान पर बीती रात आ ही गया.
पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जब अभिषेक शर्मा ने बीते एक महीने के दौरान ख़ुद की फ़ॉर्म पर कहा कि ये डेढ़ साल के बराबर था. इस पर चुटकी लेते हुए उनके बगल में बैठे ईशान किशन ने कहा कि वो “दो साल (टीम से) बाहर” रहे हैं.
ईशान किशन के लिए टीम इंडिया में वापसी का रास्ता बेहद मुश्किल रहा है. दरअसल, आईपीएल में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद भी ऋषभ पंत और केएल राहुल के होने की वजह से वो कभी भी टीम इंडिया में जगह पक्की नहीं कर पाए.
2022 के अंत में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ तीसरे वनडे में दोहरा शतक जड़ने के बाद अगले ही मैच में उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा था. साल 2023 में वेस्टइंडीज के ख़िलाफ़ डेब्यू सिरीज़ में अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्हें दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ उसी साल खेले गए पहले टेस्ट की प्लेइंग 11 से बाहर कर दिया गया.
इसके बाद ईशान किशन के लिए बुरे दिनों की शुरुआत हुई और उन्होंने दक्षिण अफ्रीका दौरा बीच में ही छोड़ दिया था.
ईशान किशन के इस कदम को उठाने की वजह उस वक्त टीम इंडिया के कोच राहुल द्रविड़ ने बताई थी. उन्होंने कहा था, “ईशान किशन ने दक्षिण अफ़्रीका दौरे में मानसिक थकान के कारण ब्रेक के लिए अनुरोध किया था.”
लेकिन इसके बाद मानो टीम इंडिया के लिए ईशान किशन के लिए टीम इंडिया में वापसी के रास्ते बंद होते चले गए. फरवरी 2024 में उन्हें सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से भी बाहर कर दिया गया.
साल का अंत होते-होते उन्हें मुंबई इंडियंस ने भी झटका दिया और टीम से बाहर कर दिया. हालांकि इन सब के बावजूद वो टूटे नहीं और घरेलू क्रिकेट की तरफ रुख़ किया. और सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफ़ी के बाद उन्होंने टीम में जगह बनाई.
‘मैंने ज़्यादा सोचना छोड़ दिया है’
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इमेज कैप्शन, ईशान किशन ने कहा है कि उन्होंने बीते दो सालों में ज़्यादा सोचना छोड़ दिया है
बीते दो साल के दौरान उनके साथ जो कुछ हुआ उस पर उन्होंने कल पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ़्रेंस में भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि अब उन्होंने अपनी जगह या भविष्य के बारे में ज़्यादा सोचना छोड़ दिया है.
उन्होंने कहा, “सच कहूं तो पिछले दो साल में मैंने ज़्यादा सोचना छोड़ दिया है. मैं यह नहीं सोचता कि मैं कहां बल्लेबाज़ी करूंगा या कल टीम में रहूंगा या नहीं, क्योंकि वह मेरे हाथ में नहीं है. सबसे बड़ी चीज़ जो मैंने सीखी है, वह यह है कि बस अपना काम करते रहो, मेहनत करते रहो और नतीजे की चिंता मत करो.”
इस दौरान ईशान किशन ने विराट कोहली का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि विराट कोहली से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने अपनी ऊर्जा को संभालना भी सीखा है.
ईशान किशन ने कहा, “मैं विराट को बहुत पसंद करता हूं क्योंकि इतने सालों तक उन्होंने जिस तरह अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल किया है, वह प्रेरणादायक है. मेरे लिए यह समझना ज़रूरी था कि मुझे अपने अंदर क्या बदलना चाहिए.”
उन्होंने आख़िर में कहा, “स्किल्स बहुत ज़्यादा नहीं बदलते इसलिए अब मैं बस अपना काम करता रहता हूं. मैंने ज़्यादा सोचना छोड़ दिया है.”
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.