डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत ने उज्बेकिस्तान के विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के इच्छुक अपने छात्रों को इन संस्थानों की साख की जांच करने की सलाह दी है। साथ ही एफएमजीएल नियमों के संभावित उल्लंघन को लेकर चिंता व्यक्त की है।
राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) द्वारा विदेश में चिकित्सा की पढ़ाई करने वाले छात्रों को फारेन मेडिकल ग्रेजुएट लाइंसेंशिएट्स (एफएमजीएल) प्रदान किया जाता है।
ताशकंद स्थित भारतीय दूतावास ने छात्रों से आग्रह किया कि वे किसी भी व्यक्ति या एजेंट के बहकावे में न आएं और यह सुनिश्चित करें कि उज्बेकिस्तान के संस्थान अपनी क्षमता से अधिक छात्रों को प्रवेश नहीं दे रहा हो।
उज्बेकिस्तान के चिकित्सा महाविद्यालयों में दाखिले को लेकर कई शिकायतें मिलने के बाद भारतीय दूतावास ने छात्रों के लिए एक परामर्श जारी किया। भारतीय दूतावास के अनुसार, उज्बेकिस्तान में भारतीय समुदाय की अनुमानित संख्या 21,000 है, जिसमें देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत 16,300 छात्र शामिल हैं।