डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शुक्रवार को बताया कि उच्च न्यायपालिका में वर्तमान में कार्यरत जजों की संख्या 814 है, जिनमें 116 महिला जज हैं। पंजबा और हरियाणा हाई कोर्ट में सबसे ज्यादा 18 महिला जज हैं।
सुप्रीम कोर्ट में 33 जजों में केवल एक महिला
मेघवाल ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में कार्यरत जजों और महिला जजों की संख्या साझा की, जिसमें यह बताया गया कि वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के 33 जजों में केवल एक महिला हैं। उन्होंने बताया कि 2014 से अब तक उच्च न्यायालयों में 170 महिला जजों की नियुक्ति की गई है, जिसमें पिछले पांच वर्षों में 96 और सुप्रीम कोर्ट में छह महिला जज शामिल हैं।
उत्तराखंड, त्रिपुरा, मणिपुर हाईकोर्ट में कोई महिला जज नहीं
डाटा के अनुसार, इलाहाबाद हाई कोर्ट में सबसे ज्यादा 110 जज कार्यरत हैं, जिनमें सात महिला जज हैं। बांबे हाई कोर्ट में 12 महिला जज हैं। जबकि दिल्ली और मद्रास हाई कोर्ट में 10-10 महिला जज कार्यरत हैं। उत्तराखंड, त्रिपुरा और मणिपुर के उच्च न्यायालयों में कोई महिला जज नहीं है।
कानून मंत्री ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों में जजों की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 124, 217 और 224 के तहत की जाती है, जो किसी जाति या वर्ग के लिए आरक्षण का प्रविधान नहीं करते हैं।
(न्यूज एजेंसी ANI के इनपुट के साथ)