फरवरी में तापमान सामान्य से अधिक रहने, बारिश कम होने के आसार
देश में फरवरी में मौसम सामान्य से अधिक गर्म रहने और बारिश कम होने का अनुमान है, खासकर हिमालयी क्षेत्र में जहां सर्दियों के शुष्क होने को जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से जोड़ा जा सकता है। जनवरी में देश में सामान्य से 31.5 प्रतिशत कम बारिश हुई, जबकि पूरे देश में तापमान सामान्य से ज्यादा रहा।
आइएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने शनिवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस माह न्यूनतम और अधिकतम तापमान दोनों सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। ऐसी सूरत में गेहूं और जौ जैसी फसलों के समय से पहले पकने की समस्या हो सकती है। बालियों में दाने नहीं बनेंगे और वे हल्के भी रह जाएंगे। पैदावार कम हो जाएगी।
महापात्रा ने कहा कि उत्तर-पश्चिमी भारत (जिसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं) में फरवरी में मासिक वर्षा सामान्य से कम रहने का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि दिसंबर और जनवरी के ज्यादातर भागों में पश्चिमी विक्षोभ की गैर मौजूदगी के कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सर्दियों में मौसम शुष्क बना रहा, जहां 20 जनवरी के बाद ही हिमपात हुआ।
उन्होंने कहा- ”समय के साथ पश्चिमी हिमालय में वर्षा में कमी का रुझान देखा गया है, जिसका कारण आइएमडी और अन्य संस्थानों द्वारा किए गए अध्ययनों में जलवायु परिवर्तन को बताया गया है।”