आइएएनएस, नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सीपी. राधाकृष्णन ने फर्जी खबरों से संबंधित चुनौतियों पर सतर्क करते हुए शुक्रवार को कहा कि पत्रकारों की जिम्मेदारी है कि वे गलत जानकारी का मुकाबला कर सच सामने लाएं।
भारतीय जनसंचार संस्थान (आइआइएमसी) के 57वें दीक्षा समारोह में उपराष्ट्रपति ने कहा कि पत्रकारिता ‘विकसित भारत’ की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने जनसंचार स्नातकों से आग्रह किया कि वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन के एजेंट बनें।
उपराष्ट्रपति ने छात्रों से कहा, निडर होकर सत्य लिखें और आप विकसित भारत बनाएंगे। सत्य को अपने हृदय में बसा लें, और कोई आप को हरा नहीं सकता। रेटिंग या शार्टकट के बजाय अपने लेखन की शुद्धता और ईमानदारी को प्राथमिकता दें।
उपराष्ट्रपति ने नई दिल्ली स्थित आइआइएमसी के नए शैक्षणिक ब्लाक और छात्रावास की आधारशिला भी रखी। प्रेट्र के अनुसार दीक्षा समारोह में केंद्रीय मंत्री और आइआइएमसी के चांसलर अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आइआइएमसी अगले सत्र से पत्रकारों के लिए प्रौद्योगिकी, अर्थव्यवस्था और रणनीति जैसे कुछ क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए फैलोशिप प्रोग्राम शुरू करेगा।