डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने देश में पिछले एक वर्ष में हुई 19 दुर्घटनाओं और गंभीर घटनाओं की जांच की है। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहाल राज्यसभा में लिखित उत्तर में कहा कि पिछले एक वर्ष में 19 विमान दुर्घटनाएं/गंभीर घटनाएं हुई हैं जिनकी जांच एएआईबी द्वारा की जा रही है।
एक गंभीर घटना की जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट एएआईबी की वेबसाइट पर प्रकाशित की गई है। अन्य दुर्घटनाओं/घटनाओं की जांच चल रही है। अन्य प्रश्न के उत्तर में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री ने कहा कि पिछले साल जून में हुई एअर इंडिया विमान दुर्घटना के सभी संभावित कारणों की जांच एएआईबी द्वारा की जा रही है।

जांच समय से पूरा करने का प्रयास
जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन के गेटविक के लिए उड़ान भरने के तुरंत बाद एअर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दुर्घटना में 260 लोगों की जान चली गई थी।
मंत्री ने यह भी कहा कि दुर्घटना पर प्रारंभिक रिपोर्ट में उस समय उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तथ्यात्मक जानकारी शामिल है और इसमें कोई अंतरिम सुरक्षा सिफारिशें नहीं हैं। अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि घरेलू अनुसूचित एयरलाइनों ने दिसंबर में यात्रियों को मुआवजा देने में 24 करोड़ रुपये से अधिक रकम खर्च किए।

इनमें से 22.68 करोड़ रुपये इंडिगो ने खर्च किए। यह राशि बोर्डिंग से मना करने, उड़ानों के रद होने और उड़ानों में देरी से संबंधित है। गौरतलब है कि दिसंबर में, इंडिगो को बड़े पैमाने पर परिचालन बाधाओं का सामना करना पड़ा था। तीन से पांच दिसंबर के बीच, 2,507 उड़ानें रद की गईं, और 1,852 उड़ानों में देरी हुई।
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री ने दी जानकारी
मंत्री ने अन्य प्रश्न के उत्तर में यह भी बताया कि नागरिक उड्डयन नियामक डीजीसीए ने इंडिगो की उड़ान बाधित होने के संबंध में प्रतिस्पर्धा आयोग को सभी अनुसूचित एयरलाइनों के रूट, बाजार हिस्सेदारी और औसत हवाई किराये सहित विभिन्न जानकारी दी है। प्रतिस्पर्धा आयोग आकलन कर रहा है कि देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी अनुचित व्यापार प्रथाओं में संलग्न थी या नहीं।
प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने दिसंबर में बड़े पैमाने पर उड़ान बाधित होने के बाद इंडिगो के व्यापार प्रथाओं का आकलन करने का निर्णय लिया। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार उपभोक्ता कल्याण की रक्षा और उचित बाजार प्रथाओं को बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार नियामक ढांचे और नीति उपायों की समीक्षा जारी रखेगी।