इमेज स्रोत, Reuters/ Narendra Modi/X
चीन के तियानजिन में 31 अगस्त से एक सितंबर तक चलने वाले शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सदस्य देशों के कई नेता पहुंच गए हैं.
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ भी सम्मेलन में शामिल होने के लिए तियानजिन पहुंचे हैं.
चीन पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि वह अब एससीओ बैठक और विभिन्न देशों के नेताओं से मुलाक़ात का इंतज़ार कर रहे हैं.
वहीं, शहबाज़ शरीफ़ ने रवाना होने से पहले एक्स पर कहा, “मैं तियानजिन में होने वाली एससीओ बैठक और बीजिंग में दूसरे विश्व युद्ध में फासीवाद पर विजय की 80वीं वर्षगांठ समारोह में शामिल होऊंगा.”
उन्होंने कहा कि मुझे राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अन्य विश्व नेताओं से मुलाक़ात का इंतज़ार है ताकि चीन और अन्य देशों के साथ रिश्ते मजबूत हों, क्षेत्रीय सहयोग बढ़े और शांति, तरक़्क़ी के लिए मिलकर काम किया जा सके.
एससीओ क्या है?
एससीओ की स्थापना वर्ष 2001 में चीन, रूस और सोवियत संघ का हिस्सा रहे चार मध्य एशियाई देशों कज़ाख़स्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज़्बेकिस्तान ने मिलकर थी.
इसका उदय रूस, चीन और इन मध्य एशियाई देशों के बीच वर्ष 1996 में सीमा को लेकर हुए एक समझौते के साथ हुआ था. इसे ‘शंघाई फाइव’ समझौता कहा गया.
भारत और पाकिस्तान साल 2017 में इस संगठन में शामिल हुए थे जबकि ईरान वर्ष 2023 में इसका सदस्य बना.