ऑटो चालक के अपहरण की कहानी:पूरी प्लानिंग के साथ किया मनोज और दो बच्चों का अपहरण, तीन दिनों तक की गई थी रेकी – Manoj Abduction Story Auto-rickshaw Driver And Children Kidnapped With Meticulous Planning
गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-1 थाना क्षेत्र में 4 अप्रैल की शाम को मनमोहन ने ऑटो चालक मनोज व उसके दोनों बेटों का अपहरण पूरी प्लानिंग के साथ किया था। मनमोहन (मृतक) ने वारदात के तीन-चार दिन पहले ही बरेली से अपने तीन जानकारों को बुलाया था।
वे गुरुग्राम में ही रूके हुए थे। मनमोहन की प्लानिंग के अनुसार 4 अप्रैल की शाम करीब 7.30 बजे मंदिर जाने के बहाने एक जानकार के माध्यम से ऑटाे बुक किया गया था।
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मनोज के परिजन
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शाम के समय करीब 7.30 बजे मनोज अपने दोनों बच्चों को साथ लेकर गया था, ताकि वे भी मंदिर में घूम सकें। उसने अपनी पत्नी पूजा को जल्दी वापस लौटने की बात कही थी। बताया जा रहा है कि करीब 8 बजे मनोज व उसके दोनों नाबालिग बच्चों का अपहरण किया गया था।
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हिरासत में लिया गया नत्थूलाल। मृत आरोपी मनमोहन का पिता।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अभी तक पुलिस की जांच में सामने आया है कि मंदिर जाने के बाद मनमोहन ने अपने साथियों के साथ मिलकर मनोज का अपहरण किया। दोनों बच्चे भी साथ होने के कारण उनको भी गाड़ी में बैठा लिया था। पहले तीनों को एक साथ गाड़ी में बैठाया था।
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पीड़ित मनोज और उसकी पत्नी
– फोटो : अमर उजाला
इसके बाद उत्तर प्रदेश में पहुंचने के बाद मनोज को बच्चों से अलग कर दिया और उसे मनमोहन के पिता नत्थूलाल के फरीदपुर स्थित मकान में बंधक बना लिया था। बच्चों को दिल्ली की ओर लेकर आ रहे थे तो गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जिसमें मनमोहन व अन्य दो लोगों की मौत हो गई। हादसे में दोनों बच्चे भी घायल हुए।
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पीड़ित मनोज
– फोटो : अमर उजाला
शिकायत मिलने के बाद तलाश में जुटी थी पुलिस
मनोज की पत्नी पूजा ने जब डीएलएफ फेज-1 थाने में पति व बच्चों के अपहरण होने संबंधी जानकारी दी तो पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई थी। 4 अप्रैल की शाम को शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मनोज व दोनों बच्चों की तलाश शुरू कर दी थी।