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ऑफिस में बैठे थे कमिश्नर, बाहर गाड़ी हो गई कुर्क, कोर्ट के आदेश पर मच गया हड़कंप, जानें पूरा मामला – sagar corporation commissioner car confiscated on court order employee gratuity insurance amount of rs 6 lakh is pending

Byadmin

Apr 3, 2025


सागर: करीब 600 करोड़ के बजट वाले नगर निगम सागर के कमिश्नर के सरकारी गाड़ी को कोर्ट ने महज 6.61 लाख रुपए का भुगतान न कर पाने के कारण कुर्क करने का आदेश दिया है। कोर्ट के कर्मचारी पुलिस लेकर निगम कार्यालय पहुंचे थे। यहां कमिश्नर मौजूद नहीं थे तो कोर्ट कर्मचारी स्मार्ट सिटी कार्यालय पहुंच गए और गेट के सामने खड़ी कमिश्नर की इनोवा कार को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी, जिसके बाद पूरे कार्यालय में हड़कंप मच गया। बाद में कार को निगम की वाहन साखा के सुपुर्दनामे कर कोर्ट कर्मचारी वापस चले गए।
सागर नगर निगम कमिश्नर व स्मार्ट सिटी के सीईओ राजकुमार खत्री की कार को कोर्ट के आदेश पर कुर्क करने की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। दरअसल नगर निगम की एक कर्मचारी का काफी पहले सेवा के दौरान निधन हो गया था। उनकी ग्रेच्युटी और बीमा की रकम का निगम को भुगतान करना था, लेकिन ऐसा हो न सका। परिजन ने कोर्ट की शरण ली थी, जिसके बाद कोर्ट ने निगम को भुगतान करने के आदेश दिए थे, लेकिन निगम प्रशासन ने कोई भुगतान नहीं किया। जिस कारण आवेदक ने फिर कोर्ट में आदेश का पालन कराने की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने निगम आयुक्त का वाहन कुर्क कर पीड़ित परिवार को भुगतान कराने के आदेश दिए थे, जिसके बाद कोर्ट कर्मचारी निगम आयुक्त की कार कुर्क करने सीधे स्मार्ट सिटी कार्यालय पहुंच गए थे।

निगम कमिश्नर कार्यालय में बैठे थे, बाहर कार कुर्क हो गई

सिविल न्यायालय के आदेश पर नगर निगम आयुक्त की इनोवा कार कुर्क कर ली गई थी। बाद में कार को सुपुर्दनामा पर छोड़ दिया गया था। जिस समय यह कार्रवाई की गई, निगम आयुक्त राजकुमार खत्री कार्यालय में बैठे हुए थे। कार को कुर्क किए जाने की जानकारी मिलते ही निगम कर्मचारी और आयुक्त कार्यालय का स्टाफ मौके पर पहुंच गया और मामले की जानकारी ली। बाद में कोर्ट कर्मचारियों ने वाहन शाखा प्रभारी सईउद्दीन कुरैशी के सुपुर्दी नामे पर कार को छोड़ दिया है।

यह है सारा मामला

अधिवक्ता इब्तेशाम उस्मानी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि निगम में राजकुमारी कोष्टी नौकरी करती थीं। सेवाकाल के दौरान ही उनका निधन हो गया था। उनकी ग्रेच्युअी, बीमा और अन्य उपादान की राशि निगम ने उनके आश्रितों को भुगतान नहीं की थी। उनके परिजन ने उत्तराधिकार प्रकरण सिविल कोर्ट में दाखिल किया था। अधिवक्ता के अनुसार बीते 25 मार्च 2022 को सिविल न्यायालय सागर ने कोष्टी के परिवार को 4 लाख 96 हजार रुपए ब्याज सहित भुगतान की जाए, लेकिन निगम ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया।

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उन्होंने कहा कि अब यह रकम बढ़कर 6 लाख 61 हजार रुपए हो गई है। पीड़ित पक्ष ने कोर्ट में एक बार फिर आदेश का निष्पादन कराने का केस लगाया था। जिसके बाद कोर्ट ने नोटिस जारी किया था। निगम ने इसमें जवाब दिया था कि नगरीय प्रशासन संचालनालय से राशि मिलने के बाद भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन कोर्ट ने सख्त रुख दिखाया और निगम की अचल संपत्ति कुर्क करके राशि की वसूली करने का आदेश दिया है। चूंकि निगमायुक्त के नाम से प्रकरण था, इस कारण उनके वाहन की कुर्की का नोटिस चस्पा किया गया है। हालांकि सुपुर्दनामा पर वाहन शाखा को गाड़ी सौंपकर एक सप्ताह में राशि भुगतान करने को कहा गया है।

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