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कश्मीर से कन्याकुमारी तक 77वें गणतंत्र दिवस पर देशभर में कार्यक्रम, संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान

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Jan 27, 2026


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश के विभिन्न राज्यों में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित परेड और कार्यक्रमों में राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों और पार्टी इकाई के प्रमुखों ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान किया।

इन कार्यक्रमों में राज्य सरकारों की उपलब्धियों को उजागर किया गया, जबकि कुछ नेताओं ने केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासन में संवैधानिक संस्थाएं गंभीर खतरे में हैं।

सीएम योगी ने दी बधाई

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा- ‘ हम सभी का राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और विकास के प्रति समर्पण हमारे लोकतंत्र को सशक्त बनाता है। आइए, अपने अमर सेनानियों को स्मरण करते हुए संविधान के आदर्शों से प्रेरित होकर एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण हेतु संकल्पित हों। जय हिंद।’

योगी ने प्रदेश के युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे संविधान के आदर्शों को आत्मसात करते हुए नए उत्तर प्रदेश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

क्या बोले पंजाब के सीएम?

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य को आज भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने मनरेगा और लंबित ग्रामीण विकास निधि को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। होशियारपुर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराने के बाद आयोजित कार्यक्रम में मान ने कहा कि उनकी सरकार चंडीगढ़ को सिर्फ पंजाब की राजधानी बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।

मान ने कहा कि पंजाब देश का अन्नदाता कहा जाता है। देश की प्रगति के लिए हमने अपने प्राकृतिक संसाधनों की कीमत चुकाई। हमारा भूजल स्तर गिरा और हमारी नदियों का पानी भी प्रदूषित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकतम बलिदान देने के बावजूद पंजाब के साथ लगातार अन्याय और मनमानी की गई है।

हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा- ‘गणतंत्र दिवस संवैधानिक मूल्यों में हमारी अटूट आस्था, सामाजिक समानता के संकल्प और लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर मैं देश की स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं को नमन करता हूं, जिन्होंने मजबूत गणराज्य की नींव रखी।’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लेने का आह्वान किया।

सीएम विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नक्सलवाद मार्च तक राज्य से समाप्त होने वाला है। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने राज्य सरकार की प्राथमिकता वर्ष 2030 तक एक करोड़ सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराना बताया।

झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि राज्य 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि राज्य एफडीआइ आकर्षित करने में अग्रणी रहा है।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने कृषि क्षेत्र के लिए बजट बढ़ाने का उल्लेख किया। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने ‘विकसित भारत- विकसित राजस्थान’ बनाने का आह्वान किया।

जम्मू में समारोह को संबोधित करते हुए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लोगों को आश्वासन दिया कि सरकार आतंकवाद से जुड़े हर मामले की गहन जांच करेगी और दोषियों को सबसे कड़ी सजा दी जाएगी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समारोह के मुख्य अतिथि थे।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गणतंत्र दिवस को एकजुट भारत के रूप में मनाने का आह्वान किया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि संविधान की भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों को अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने धर्मनिरपेक्षता और संघवाद की रक्षा के लिए एकता का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का आह्वान किया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने लोगों से पूछा कि वे वोट बैंक की राजनीति चाहते हैं या विकास की यात्रा को आगे बढ़ाना चाहते हैं। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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