मध्यम एवं भारी उद्योग मंत्री एमबी. पाटिल ने कहा कि जब भाजपा सत्ता में थी तो उसने स्टील संयंत्र स्थापित करने के लिए रान्या की कंपनी को तुमकुरु में 12 एकड़ जमीन आवंटित की थी। सूत्रों ने बताया कि डीआरआई के अधिकारियों को रान्या के पास से वर्तमान और पूर्व मंत्रियों के नंबर मिले हैं और वह प्रभावशाली लोगों के संपर्क में थी।
पीटीआई, बेंगलुरु। कन्नड़ फिल्मों की अभिनेत्री रान्या राव की सोना तस्करी मामले में कथित संलिप्तता को लेकर कर्नाटक में राजनीतिक राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा एक दूसरे पर पक्षपात और मामले को दबाने का आरोप लगा रही है। भाजपा ने रान्या को बचाने में प्रभावशाली मंत्री की संलिप्तता का आरोप लगाया है, जबकि कांग्रेस ने कहा कि भाजपा जब सत्ता में थी तो उसने स्टील फैक्ट्री के लिए रान्या को 12 एकड़ जमीन आवंटित की थी।
भाजपा ने लगाया आरोप
- प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीवाई. विजयेंद्र ने एक्स पर पोस्ट किया, हाल के दिनों में सबसे बड़ी सोने की तस्करी में सिद्दरमैया सरकार के प्रमुख मंत्री की संलिप्तता को लेकर मीडिया में आई खबरों पर आश्चर्य की बात नहीं है! सरकारी प्रोटोकॉल का घोर उल्लंघन, जिसके कारण रान्या को सोने की तस्करी में सफलता मिली। सरकार के भीतर प्रभावशाली व्यक्तियों के प्रत्यक्ष समर्थन के बिना यह संभव नहीं हो सकता।
- विधानसभा में भी उठा मुद्दा कर्नाटक विधानसभा में भी सोमवार को यह मामला उठाया गया। भाजपा विधायक सुनील कुमार ने शून्यकाल के दौरान सोना तस्करी मामले और इसमें कर्नाटक के मंत्रियों की कथित संलिप्तता की खबरों पर सवाल उठाए।
- इसके जवाब में राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि कर्नाटक सरकार को रान्या से जुड़े सोना तस्करी मामले की कोई जानकारी नहीं है क्योंकि मामले की जांच कर रहे राजस्व खुफिया निदेशालय और सीबीआई से सरकार का कोई संपर्क नहीं हुआ है।
- मंत्री ने कहा कि अभिनेत्री के सौतेले पिता डीजीपी रैंक के अधिकारी हैं। आरोप हैं कि उन्होंने रान्या की मदद की और पुलिस ने भी उसकी मदद की। सीबीआई जांच कर रही है। विपक्ष के नेता आर. अशोक ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाया।
तस्करी रैकेट के सरगनाओं में से एक है रान्या: डीआरआई
आईएएनएस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि डीआरआई ने अदालत को बताया कि पता चला है कि 12.56 करोड़ रुपये मूल्य का सोना तस्करी किया गया है। रान्या सोना तस्करी रैकेट के सरगनाओं में से एक है। जांच की जा रही है कि रान्या ने सोने की तस्करी में पुलिस प्रोटोकॉल का दुरुपयोग कैसे किया। सुनवाई के बाद विशेष अदालत ने रान्या को 24 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
रान्या तीन दिनों से डीआरआई की हिरासत में थी। सूत्रों ने बताया कि डीआरआई के अधिकारियों को वर्तमान और पूर्व मंत्रियों के नंबर मिले हैं और वह प्रभावशाली लोगों के संपर्क में थी। उसके मोबाइल में शीर्ष स्तर के अधिकारियों के नंबर भी मिले हैं। अधिकारियों ने रान्या का लैपटॉप भी जब्त कर लिया है।एक और आरोपित गिरफ्तार राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने रान्या से जुड़े सोना तस्करी मामले में होटल कारोबारी के बेटे तरुण राजू को गिरफ्तार किया है। आरोपी तरुण को सोमवार को आर्थिक अपराध न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने उसे पांच दिनों के लिए डीआरआइ की हिरासत में भेज दिया। पता चला है कि तरुण रान्या का दोस्त है। तरुण पर रान्या राव के साथ कई बार दुबई जाने का भी आरोप है।
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