इमेज कैप्शन, बीते साल उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कुंभ मेले के दौरान भगदड़ हुई थी, बीबीसी ने मारे गए लोगों का आँकड़ा जानने के लिए एक पड़ताल की थी
पढ़ने का समय: 4 मिनट
जनवरी 2025 में प्रयागराज में कुंभ मेले के दौरान हुई भगदड़ से जुड़ी इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट के लिए बीबीसी की ख़बर को दानिश सिद्दीक़ी जर्नलिज़म अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है.
बीबीसी हिन्दी की पत्रकारिता को यह अवॉर्ड ब्रॉडकास्ट कैटेगरी में मिला है.
बीते साल कुंभ मेले के दौरान 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भगदड़ की घटनाएं हुई थीं.
वीडियो कैप्शन, बीबीसी पड़ताल: कुंभ भगदड़ में कितने लोग मारे गए?
बीबीसी हिन्दी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
बीबीसी के पूर्व संवादताता अभिनव गोयल ने अवॉर्ड लेते हुए कहा, “जब उन लोगों को याद करते हैं जिनकी कहानी हमने कुंभ की स्टोरी में कवर की. अब उन तमाम लोगों के चेहरे याद आते हैं जो आज भी इस इंतज़ार में हैं कि कोई एफ़आईआर दर्ज होगी, सरकार की तरफ़ से कोई आएगा, कोई जवाबदेही तय होगी.”
“सवा साल से लगभग हर रोज़ कोई न कोई परिवार फ़ोन करता है और पूछता है कि कोई बात आगे बढ़ी, जो अब तक नहीं बढ़ी है. यह दिन उन परिवारों को याद करने का दिन है.”
“जब कुंभ भगदड़ हुई तो पता नहीं चल रहा था कि इसमें कितने लोग मारे गए हैं. एक आँकड़ा आया कि 37 लोग मारे गए हैं. फिर मेरे जैसा रिपोर्टर अपनी संपादक रूपा झा के पास जाता है और कहता है कि इसे पता करने का एक ही ज़रिया है कि हम हर किसी के दरवाज़े पर जाएं.”
अभिनव गोयल ने इस पड़ताल की चुनौती पर कहा, “आप सोचकर देखिए कि रिपोर्टर को देश भर में सौ परिवारों के घर जाना है. और यह जानते हुए भी कि इसमें इतना बड़ा रिसोर्स लगेगा, बावजूद इसके आपके एडिटर आपको कहते हैं कि ये स्टोरी करनी चाहिए. उसके बाद एक लंबी यात्रा शुरू होती है.”
इमेज कैप्शन, अभिनव गोयल ने पुरस्कार लेने के बाद कहा कि इस रिपोर्ट को करने का एक ही ज़रिया था कि हर पीड़ित परिवार के दरवाज़े पर जाया जाए
बीबीसी की रिपोर्ट में क्या पता चला
11 राज्यों के 50 से अधिक ज़िलों में की गई इस पड़ताल में बीबीसी ने 100 से अधिक ऐसे परिवारों से मुलाक़ात की जिनका कहना था कि उनके अपनों की मौत कुंभ भगदड़ में हुई है.
बीबीसी को इस बात के पुख़्ता सबूत मिले कि कम-से-कम 82 लोग कुंभ भगदड़ में मारे गए. जबकि कई अन्य परिवारों ने भगदड़ में अपने परिजनों के मारे जाने का दावा किया, लेकिन जो परिवार अपनी बात साबित करने के लिए पुख़्ता सबूत नहीं दे सके, उन्हें बीबीसी ने 82 मृतकों की सूची में शामिल नहीं किया.
कुंभ भगदड़ में हुई 82 मौतों को बीबीसी ने मौटे तौर पर तीन श्रेणियों में बांटा.
बीबीसी पड़ताल में पहली कैटेगरी उन मृतकों की थी, जिनके परिजनों को 25-25 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया गया.
दूसरी कैटेगरी उन मृतकों की थी जिनके परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये कैश दिए गए, लेकिन इन लोगों को कुंभ में मारे गए लोगों में नहीं गिना गया.
वहीं तीसरी कैटेगरी में ऐसे मृतकों को रखा गया जिनके परिजनों को कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.