पीटीआई, तिरुअनंतपुरम। केरलम के बहुचर्चित महिला डॉक्टर हत्याकांड के दोषी जी. संदीप को कोल्लम की एक अदालत ने शनिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीएन विनोद ने संदीप को भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) के तहत विभिन्न अपराधों के लिए 30 वर्ष की सजा सुनाई और कहा कि इस अवधि को पूरा करने के बाद आजीवन कारावास की सजा शुरू होगी। अदालत ने दोषी पर 2.35 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
संदीप ने मई 2023 में केरलम के कोट्टारक्कारा तालुक अस्पताल में ड्रेसिंग के दौरान ड्यूटी पर तैनात डा. वंदना दास पर सर्जिकल चाकू और कैंची से ताबड़तोड़ कई वार कर उनकी हत्या कर दी थी।
वंदना को 27 बार चाकू मारा गया था। वह अजीजिया मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हाउस सर्जन थीं और प्रशिक्षण के तहत कोट्टारक्कारा तालुक अस्पताल में कार्यरत थीं।
अभियोजन पक्ष ने सजा पर बहसके दौरान दोषी के लिए मौत की सजा की मांग की थी, लेकिन अदालत का मानना था कि यह मामला दुर्लभतम श्रेणी में नहीं आता है। अभियोजन पक्ष ने कहा कि वह आरोपित के लिए मृत्युदंड की मांग करते हुए अपील दायर करेगा।
डॉ. वंदना के परिवार ने भी अधिकतम सजा की मांग की है। डॉ. वंदना के पिता ने सजा पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि लोक अभियोजक से चर्चा के बाद सजा बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। डॉ. वंदना की मां ने कहा कि सजा तय करना अदालत का काम है।
उन्होंने कहा कि वह चाहती है कि दोषी को भी वही दर्द सहना पड़े जो उसकी बेटी को तब सहना पड़ा था जब उसे 27 बार चाकू मारा गया था। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) ने दोषी को सुनाई गई उम्रकैद की सजा को अपर्याप्त और निराशाजनक करार दिया और केरलम सरकार से अधिकतम सजा सुनिश्चित करने के लिए अपील दायर करने का आग्रह किया।
गौरतलब है कि पुलिस के अनुसार संदीप को 10 मई, 2023 को पुलिस इलाज के लिए अस्पताल लाई थी। जब उसके पैर की चोट पर पट्टी बांधी जा रही थी, तो उसने हमला शुरू कर दिया।
पेशे से शिक्षक संदीप ने सबसे पहले उन पुलिस अधिकारियों और उस व्यक्ति पर हमला किया, जो उसके साथ अस्पताल आए थे। इसके बाद उसने डॉ. वंदना पर हमला कर दिया। वंदना को तिरुअनंतपुरम के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई।