डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केरल सरकार ने सोमवार को राज्य विधानसभा में ‘नेटिविटी कार्ड’ विधेयक पेश किया। उसने इसे ऐतिहासिक और दुर्लभतम कानून बताया। राजस्व मंत्री के राजन ने विपक्षी एकीकृत लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सदस्यों की अनुपस्थिति में सदन में मूल निवास संबंधी पहचान पत्र विधेयक प्रस्तुत किया।
यूडीएफ ने शबरीमाला सोना चोरी मामले को लेकर कार्यवाही का बहिष्कार किया था। मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित कानून के तहत राज्य के निवासी मूल निवास संबंधी प्रमाण पत्र जारी होने के कारण गर्व से स्वयं को केरलवासी घोषित कर सकेंगे।
पिछले साल मिली थी सैद्धांतिक मंजूरी
राज्य मंत्रिमंडल ने पिछले साल दिसंबर में राज्य में एक स्थायी, फोटो-युक्त निवास संबंधी पहचान प्रमाण पत्र शुरू करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी व्यक्ति को राज्य में अपनी पहचान या निवास स्थान साबित करने के लिए संघर्ष न करना पड़े।
मंत्रिमंडल की बैठक में दी गई मंजूरी
दिसंबर में घोषित योजना को कानूनी वैधता प्रदान करने वाले विधेयक को पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई। विधानसभा में विधेयक पेश करते हुए राजन ने कहा कि इसे केंद्र द्वारा संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) को एकतरफा रूप से लागू करने की पृष्ठभूमि में लाया गया है। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)