डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गुजरात हाई कोर्ट ने आसाराम के बेटे नारायण साई द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उसने 2001 के दुष्कर्म मामले में अपनी आजीवन कारावास की सजा को निलंबित करने की मांग की थी। सूरत की एक अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के खिलाफ साई की अपील हाई कोर्ट में लंबित है।
सोमवार को पारित एक आदेश में न्यायमूर्ति इलेश वोरा और आरटी वच्छानी की खंडपीठ ने साई की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए हमारे लिए प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुंचना मुश्किल है कि आवेदक-दोषी को (अपीलीय न्यायालय से) बरी होने का उचित मौका है। इसलिए, गुण-दोष के आधार पर हमें सजा के निलंबन और जमानत देने के संबंध में राहत प्रदान करने के लिए कोई पर्याप्त आधार नहीं मिलता है।
‘कोई दिलचस्पी नहीं’
न्यायाधीशों ने कहा कि साई को अपनी अपील की शीघ्र सुनवाई में कोई दिलचस्पी नहीं थी। उसने कार्यवाही में देरी करने के लिए कई हथकंडे अपनाए। सूरत की एक अदालत ने 2013 में एक पूर्व महिला भक्त द्वारा दायर दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।