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ब्रेक-अप बहुत मुश्किल होते हैं. अचानक वह इंसान आपकी ज़िंदगी से निकल जाता है, जिसके साथ आपने सब कुछ शेयर किया होता है. लेकिन अपने एक्स के साथ दोस्त बने रहना भी उतना ही तकलीफ़देह हो सकता है.
डेटिंग हैंडबुक ‘मिलेनियल लव’ की लेखिका ओलिविया पीटर कहती हैं, “सच कहूं तो मेरे ज़्यादा दोस्त ऐसे नहीं हैं जो अपने एक्स के साथ दोस्त हों.”
लेकिन खुद वह कुछ मामलों में ऐसा करने में सफल रही हैं.
यहां पांच सवाल हैं जो आपको यह तय करने से पहले ख़ुद से पूछने चाहिए कि दोस्त बने रहना है या बिल्कुल संपर्क तोड़ देना है.
1. रिश्ता कितना गंभीर था?
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ओलिविया ने बीबीसी रेडियो 4 के ‘वुमन्स आवर’ में बताया, “एक दो पुरुष ऐसे रहे हैं जिनके साथ मेरा छोटा सा, हल्का-फुल्का रोमांटिक रिश्ता रहा और बाद में हम दोस्त बन गए.”
वह कहती हैं, “ये बात कि हम उस स्तर तक जा चुके थे, या यूं कहें कि ‘वहां तक हो आए थे’, जो हमारे लिए बिना किसी बची-खुची खटपट या सवालों के अच्छे दोस्त बने रहना आसान बना देता है.”
वह कहती हैं, लेकिन जब बात गंभीर रिश्तों की आती है, तो भले ही अपने एक्स से उनके संबंध ठीक-ठाक हैं, लेकिन वे उनके क़रीबी दोस्त नहीं हैं.
डेटिंग और रिलेशनशिप कोच केट मैन्सफ़ील्ड कहती हैं कि हल्के-फुल्के रिश्तों में ज़िंदगी से जुड़ी उलझनें कम होती हैं, इसलिए दोस्ती में बदलना ज़्यादा आसान हो सकता है.
लेकिन कभी-कभी ऐसे कैज़ुअल रिश्ते भी गहरी भावनाओं को जन्म दे देते हैं, क्योंकि वे “अक्सर काफ़ी ज़्यादा गहरे होते हैं.”
केट कहती हैं, “दरअसल यह इस पर निर्भर करता है कि रिश्ता कैसे ख़त्म हुआ और किसने ख़त्म किया, क्या वह आपसी तौर पर धीरे-धीरे ख़त्म हो गया या किसी एक ने तय किया कि अब बस? इसका असर, रिश्ते में लगाए गए समय से भी ज़्यादा होता है.”
2. क्या आप सच में उनसे आगे बढ़ चुके हैं?
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सबसे बड़ी रुकावटों में से एक यह होती है कि क्या आप उस इंसान को और उसके साथ रहे रोमांटिक रिश्ते को अलग-अलग देख पा रहे हैं या नहीं.
केट कहती हैं, “आपको ब्रेक अप को सही मायनों में समझकर स्वीकार कर लेना चाहिए, सिर्फ़ ज़िंदगी के कामकाज में आगे बढ़ जाना काफ़ी नहीं है, भावनात्मक तौर पर भी आगे बढ़ना ज़रूरी है.”
वह कहती हैं कि यह सोचिए कि क्या रिश्ते से बाहर भी आप दोनों के बीच कुछ समानताएं हैं, जैसे ऐसे वास्तविक शौक या रुचियां, जो रोमांस से अलग भी मौजूद थीं. अगर रिश्ता सिर्फ़ आकर्षण के दम पर टिका था, तो उसे दोस्ती में बदलना काफ़ी मुश्किल होगा.
यह भी ज़रूरी है कि आप खुद से ईमानदार रहें कि आप दोस्त बने रहना क्यों चाहते हैं.
केट कहती हैं, “अगर आप अब भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि वह अपना मन बदल लेंगे, या आप सिर्फ़ इसलिए जुड़े हुए हैं ताकि उनकी डेटिंग लाइफ़ पर नज़र रख सकें, तो यह दोस्ती नहीं, बल्कि लगाव है जिसने दोस्ती का मुखौटा पहना हुआ है.”
वह जोड़ती हैं कि आख़िर में दोस्ती तभी काम करती है जब दोनों लोग रिश्ते के ख़त्म होने को पूरी तरह स्वीकार कर चुके हों, और किसी के मन में कोई छुपा हुआ मक़सद न हो.
3. कितना समय बीत चुका है?
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प्यार करने वालों से सीधे दोस्त बन जाना आसान नहीं होता.
ओलिविया कहती हैं, “थोड़ा सा रीसेट ज़रूरी होता है, और सोचने समझने के लिए कुछ दूरी बनाना भी.”
कॉमेडियन और लेखिका रोज़ी विल्बी कहती हैं कि वह अपनी एक्स गर्लफ्रेंड्स के साथ सफल दोस्ती बनाए रखने में कामयाब रही हैं.
उनका और उनकी एक्स डोना का ब्रेक अप तब हुआ था, जब रोज़ी की मां का निधन हो गया था और एक घर में आग लगने से उनकी सारी चीज़ें भी जल गई थीं.
उनके अनुसार, उन्होंने करीब तीन हफ़्ते तक एक दूसरे से बिल्कुल संपर्क नहीं रखा.
वह कहती हैं, “शायद उतना ही हम कर पाए, क्योंकि हमारे बीच बहुत गहरा जुड़ाव था और हमें एक दूसरे की ज़रूरत थी.”
अब, 25 साल बाद, वह कहती हैं, “डोना मुझे एक बहन जैसी लगती है.”
4. क्या आपका नया पार्टनर इससे सहज है?
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केट कहती हैं कि अगर आप दोस्त बने रहने का फ़ैसला करते हैं तो आपको खुलकर बात करनी चाहिए कि अगर आप में से कोई नया रिश्ता शुरू करता है, तो आप दोनों क्या करेंगे.
केट ज़ोर देती हैं और अगर नए पार्टनर को इस दोस्ती से दिक्कत हो तो उसकी चिंता को गंभीरता से लेना चाहिए.
वह कहती हैं, “यह हमेशा असुरक्षा की वजह से नहीं होता; कई बार यह एक बिल्कुल जायज़ चिंता भी होती है.”
उनके मुताबिक़, आपको अपने एक्स के साथ बैठकर दोस्ती के तौर-तरीके में बदलाव पर बात करनी पड़ सकती है, जैसे “कम मिलना जुलना, ज़्यादातर ग्रुप में मिलना, या इस बारे में ज़्यादा साफ़ रहना कि आप साथ क्या कर रहे हैं.”
ओलिविया कहती हैं कि महिलाओं को अक्सर इस तरह तैयार किया जाता है कि वे अपने पुरुष पार्टनर की एक्स को ख़तरे की तरह देखें.
लेकिन रोज़ी का कहना है कि एलजीबीटी समुदायों में एक्स के साथ दोस्त बने रहना ज़्यादा आम है, “वहां व्यवहार का पूरा तरीका ही अलग होता है.”
5. कब बिल्कुल संपर्क तोड़ देना चाहिए
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केट कहती हैं कि कुछ हालात ऐसे होते हैं जहां दोस्ती मुमकिन नहीं होती जैसे कि जब रिश्ता भावनात्मक या शारीरिक रूप से हिंसक रहा हो, भरोसा टूट चुका हो, या फिर कोई एक अब भी रोमांटिक तौर पर जुड़ा हुआ हो.
वह कहती हैं, “कभी कभी दोनों लोगों के लिए सबसे दयालुतापूर्ण यही होता है कि मान लिया जाए कि ज़िंदगी का यह अध्याय अब बंद हो चुका है.”
ओलिविया कहती हैं, “जिन लोगों से मैंने पूरी तरह संपर्क तोड़ा है, वही हैं जिन्होंने मुझे किसी न किसी तरह ज़्यादा गंभीर नुक़सान पहुंचाया.”
वह कहती हैं कि उनके ज़्यादातर दोस्त अपने एक्स से अब भी संपर्क में नहीं हैं, “मुझे लगता है कि ज़्यादातर लोग अतीत को अतीत में ही छोड़ देना बेहतर समझते हैं.”
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.