{“_id”:”698c2cb35e0b5561cf0b6a68″,”slug”:”vande-mataram-history-how-it-became-voice-of-revolution-against-british-rule-india-bankim-chandra-chatterjee-2026-02-11″,”type”:”feature-story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”क्या है वंदे मातरम का इतिहास?: राष्ट्रगान से भी पुराना ये गीत कैसे बना क्रांति का स्वर; जानें 150 वर्ष का सफर”,”category”:{“title”:”India News”,”title_hn”:”देश”,”slug”:”india-news”}}

वंदे मातरम का इतिहास।
– फोटो : अमर उजाला
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भारत का राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल, केंद्र सरकार ने कुछ नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके मुताबिक, अब देश में राष्ट्रगान- जन गण मन से पहले राष्ट्रगीत वंदे मातरम बजाना अनिवार्य होगा। गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, सरकार ने आधिकारिक मौकों पर पूरे छह छंदों वाले राष्ट्रगीत को बजाना और इसका गायन अनिवार्य किया है, जिसकी अवधि 3 मिनट 10 सेकंड होगी। यानी इनमें वे चार छंद भी शामिल होंगे, जिन्हें कांग्रेस ने 1937 में हटा दिया था।
ऐसे में यह जानना अहम है कि वंदे मातरम का इतिहास क्या रहा है? यह कब देश में अंग्रेजों के खिलाफ क्रांति का स्वर बन गया? इसे राष्ट्रगान की जगह राष्ट्रगीत का दर्जा क्यों और कब दिया गया? वंदे मातरम के छह में से आखिरी चार छंदों को कब और क्यों क्यों हटा दिया गया? संपूर्ण वंदे मातरम के छह छंद क्या हैं? आइये जानते हैं…
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