जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने को कांग्रेस ने भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता का प्रमाण बताते हुए इसकी घोर निंदा की है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश से लेकर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा तथा असम के मुख्यमंत्री पर जवाबी हमला बोला।
अशोक गहलोत ने हिमंता बिस्व सरमा पर साधा निशाना
अशोक गहलोत ने एक्स पर कहा कि खरगे जैसे कद के नेता के खिलाफ घटिया भाषा का इस्तेमाल किसी भी सभ्य समाज में अस्वीकार्य है और यह भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
हिमंता अपने आलाकमान के प्रति अपनी वफादारी साबित करने की एक लगातार दौड़ में नेता विपक्ष राहुल गांधी और हमारे अन्य वरिष्ठ नेताओं को बार-बार निशाना बनाते रहते हैं।
गहलोत ने कहा कि इस पर पीएम मोदी की चुप्पी सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है उन्हें अपने मुख्यमंत्री के ऐसे अनुचित आचरण पर कड़ा विरोध जताना चाहिए था।
जयराम रमेश ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे संविधान द्वारा संभव सामाजिक सशक्तिकरण के एक अत्यंत सशक्त प्रतीक हैं और उनके खिलाफ ऐसी अभद्र टिप्पणी हर सीमा से परे अत्यंत शर्मनाक है।
बकौल जयराम यह न केवल हिमंता की मानसिक विकृति बल्कि भाजपा की दलित-विरोधी मानसिकता को भी उजागर करती है। हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी एक्स पोस्ट पर हिमंता की खरगे के खिलाफ टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि यह हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।