ढाबा संचालक से अनुचित मांग, लड़की के अपहरण और छेड़खानी के आरोप में मंगलवार को कसया थाने पर तैनात दो सिपाहियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी ने दोनों की निलंबित कर बर्खास्तगी की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। साथ ही सीओ सिटी को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, गोरखपुर शहर के कैंट थाना क्षेत्र के बेतियाहाता निवासी पप्पू सिंह कसया में ढाबा चलाते हैं। पप्पू सिंह का आरोप है कि सोमवार रात करीब 8 बजे कसया थाने में तैनात सिपाही उमाशंकर यादव ने फोन किया। वह उस समय वह गोरखपुर में थे। जरूरी काम बताते हुए उमाशंकर ने रात में ही उन्हें कसया रामजानकी मंदिर मठ पर बुलाया। वहां उमाशंकर के अलावा सिपाही महेंद्र व वाहन चालक मौजूद थे। उमाशंकर ने उनसे अनुचित मांग की। पप्पू के अनुसार, उन्होंने इससे मना किया तो सिपाहियों ने उनके साथ बदसलूकी की।
पप्पू के अनुसार, इसके बाद रात में ही सिपाही गोरखपुर के माड़ापार स्थित उनके दूसरे ढाबे पर काली स्कार्पियो से पहुंचे और मजदूरों से मारपीट की। वहां से रात दो बजे कसया आवास पहुंचे और गेट फांदकर छत के रास्ते आवास में दाखिल हो गए और मारपीट की। शोर सुनकर पड़ोस में रहने वाली दो सगी बहने आईं तो उनके साथ भी मारपीट की।
इसके बाद 22 साल एक युवती को जबरन लेकर गोरखपुर चले गए। करीब तीन घंटे बाद वे युवती को छोड़ गए। मंगलावर देर शाम युवती की बहन की तहरीर पर पुलिस ने उमाशंकर और महेंद्र के खिलाफ अपहरण, छेड़खानी समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली। देर रात दोनों सिपाहियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पीड़ित युवती की बहन की तहरीर पर दोनों आरोपी सिपाहियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें निलंबित कर बर्खास्तगी की संस्तुति की है।
-केशव कुमार, एसपी कुशीनगर