एएनआई, नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच खाड़ी क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में हुई घटनाओं में छह भारतीय नागरिकों की जान चली गई है, जबकि एक नागरिक अभी भी लापता है।
मंत्रालय ने कहा कि सऊदी अरब, ओमान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में स्थित भारतीय दूतावास सहायता प्रदान करने और पार्थिव शरीरों को वापस लाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं।
अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर. महाजन ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र से यात्रा की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और बड़ी संख्या में भारतीय पहले ही स्वदेश लौट चुके हैं।
उन्होंने कहा, ”क्षेत्र से अतिरिक्त उड़ानों के संचालन के साथ स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। 28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र से लगभग तीन लाख यात्री भारत लौट चुके हैं।”
नॉन-शेड्यूल्ड उड़ानों का संचालन जारी
महाजन ने कहा, यूएई से एयरलाइंस परिचालन और सुरक्षा संबंधी पहलुओं के आधार पर सीमित संख्या में नॉन-शेड्यूल्ड उड़ानों का संचालन जारी है। शुक्रवार को भी यूएई के विभिन्न हवाई अड्डों से भारत के लिए लगभग 90 उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है।
ओमान और सऊदी अरब से भी भारत के लिए उड़ानों का संचालन जारी है। कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला होने के कारण शुक्रवार को कतर एयरवेज द्वारा भारत के लिए 10 नान-शेड्यूल्ड वाणिज्यिक उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है। कुवैत का एयरस्पेस अभी भी बंद है।
उम्मीद है कि कुवैत एयरवेज, सऊदी अरब के अल कैसुमा-हफर अल बातिन एयरपोर्ट से भारत के अलग-अलग शहरों के लिए विशेष नॉन-शेड्यूल वाणिज्यिक उड़ानें शुरू करेगा; पहली उड़ान शुक्रवार को कोच्चि के लिए होगी।
बहरीन का एयरस्पेस भी अभी बंद है
साथ ही कहा, बहरीन का एयरस्पेस भी अभी बंद है। बहरीन की गल्फ एयर, सऊदी अरब के दम्मम एयरपोर्ट से भारत के लिए विशेष नान-शेड्यूल वाणिज्यिक उड़ानें जारी रखे हुए है।
913 भारतीय आर्मेनिया व अजरबैजान पहुंचे
अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में मंत्रालय के प्रवक्तारणधीर जायसवाल ने बताया कि 913 भारतीय नागरिक दूतावास की मदद से ईरान से आर्मेनिया व अजरबैजान की सीमा में पहुंच चुके हैं और उनमें से कई पहले ही भारत लौट चुके हैं। साथ ही कहा कि ईरान में फंसे सभी 284 भारतीय तीर्थयात्री सुरक्षित भारत लौट आए हैं।
पीएम ने पांच देशों के नेताओं से की बात
जायसवाल ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को पांच वैश्विक नेताओं से बात की। उन्होंने ओमान, मलेशिया, फ्रांस, जार्डन और कतर के नेताओं से बात की। इनमें प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध पर भारत का पक्ष रखा।
उन्होंने तनाव कम करने और उसके बाद शांति व स्थिरता बहाल करने के लिए बातचीत एवं कूटनीति को प्राथमिकता देने की जरूरत पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों की कड़ी ¨नदा की। प्रधानमंत्री और विभिन्न नेताओं ने होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित व मुक्त आवागमन के प्रति अपना समर्थन दोहराया।