देश के सर्वोच्च न्यायालय ने एनडजीटी के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें बिहार सरकार पर 50 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान को सुप्रीम कोर्ट ने NGT के आदेश पर रोक लगा दी। एनजीटी गंगा नदी के प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण के मुद्दे पर विचार कर रहा है। इस मामले को राज्यवार तरीके से देखा जा रहा है।
पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें बिहार सरकार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। एनजीटी ने गंगा नदी के प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण से संबंधित मामले में अपने निर्देशों का पालन नहीं करने और उचित सहायता नहीं करने के लिए बिहार सरकार पर यह जुर्माना लगाया था।
एनजीटी ने पिछले साल 15 अक्टूबर को पारित अपने आदेश में बिहार के मुख्य सचिव को गंगा नदी में प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों के बारे में उसे अवगत कराने के लिए वीडियो कांफ्रेंस के जरिये अपने समक्ष पेश होने का भी निर्देश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट में हुई मामले की सुनवाई
जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस आगस्टीन जार्ज मसीह की पीठ ने एनजीटी के आदेश को चुनौती देने वाली बिहार सरकार की याचिका पर सुनवाई की। पीठ ने इस मामले में केंद्र और अन्य हितधारकों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर याचिका पर जवाब मांगा है।
गंगा में प्रदूषण के रोकथाम पर काम कर रहा NGT
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