जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में दो चर्चित हत्याकांड में उम्र कैद की सजा काट रहे हनुमान प्रसाद और प्रिया सेठ ने 15 दिन के पैरोल पर रिहाई के बाद शुक्रवार को शादी रचाई। दोनों पिछले एक साल से जयपुर की सांगानेर स्थित खुली जेल में रह रहे थे। करीब छह महीने पहले दोनों में निकटता बढ़ी और प्रेम संबंध हुए। वे जेल में ही लिव इन में रहने लगे थे।
हनुमान का जुर्म
अलवर निवासी हनुमान के 2014 में खुद से 10 साल बड़ी विवाहिता संतोष शर्मा से प्रेम संबंध थे। दो अक्टूबर 2017 को हनुमान ने संतोष के साथ मिलकर सो रहे पति बनवारी और चार बच्चों की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने जांच के बाद दोनों को गिरफ्तार किया। इस आरोप में ही हनुमान को आजीवन कारवास की सजा हुई।
प्रिया का जुर्म
वहीं, पाली जिले की रहने वाली प्रिया ने अपने प्रेमी दीक्षांत कामरा का कर्ज उतारने के लिए डेटिंग एप के जरिए जयपुर के झोटवाड़ा निवासी दीक्षांत शर्मा से मित्रता की थी। प्रिया ने दो मई 2018 को प्रेमी व उसके दोस्त के साथ मिलकर दीक्षांत को अपने कमरे पर बुलाकर बंधक बनाया। तीनों ने दीक्षांत के पिता से तीन लाख की फिरौती ली और फिर पकड़े जाने के डर से बेरहमी से उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद शव को सूटकेस में बंद कर पहाड़ियों में फेंक दिया। जांच के बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। हाई कोर्ट के निर्देश पर खुले जेल में रखे गएहाई कोर्ट के निर्देश पर हनुमान प्रसाद और प्रिया को खुली जेल जेल में रखने के निर्देश दिए गए थे।
समाचार एजेंसी प्रेट्र के मुताबिक, उनके वकील विश्राम प्रजापत ने कहा कि राजस्थान हाई कोर्ट ने सात जनवरी को पैरोल कमेटी को सात दिनों के अंदर उनके आवेदन पर फैसला करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद पैरोल दी गई। दोनों ने पहले तो अलवर जिले के गांव बड़ौदा मेव में शादी करने का निर्णय किया।
इसके लिए कार्ड भी छपवाए गए लेकिन फिर अचानक शादी का स्थान बदलकर जयपुर जिले के सांगानेर में किया गया। पहले धूमधाम से शादी करने का फैसला किया गया पर बाद में बिना किसी धूमधाम से शादी की गई। किसी को शादी का स्थान नहीं बताया गया।
दोनों ने अपने पुराने मित्रों को छोड़ा
17 मई 2018 से प्रिया जयपुर सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रही थी, जिसे करीब एक साल पहले खुली जेल में भेज दिया गया। उसके पूर्व प्रेमी दीक्षांत कामरा को भी इसी जेल में भेजा गया, लेकिन यहां प्रिया ने उससे दूरी बना ली। दूसरी ओर हनुमान प्रसाद और उसकी प्रेमिका संतोष भी जेल जाने के बाद अलग हो गए।