एएनआई, नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को 2024 के गुरुग्राम बम धमाके मामले में प्रतिबंधित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़े नौवें आरोपी के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है।
आरोपी का नाम रामदत्त है, जिसे कनाडा स्थित नामित आतंकवादी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी ब्रार के करीबी सहयोगी रोहित गोदारा और विदेश में सक्रिय गैंगस्टर रणदीप मलिक से जुड़ा हुआ पाया गया है।
एनआईए ने इस मामले में पहले 2025 में गोल्डी ब्रार सहित सात अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। अब रामदत्त पर अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (यूएपीए) की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, रामदत्त एक बड़े आतंकी नेटवर्क का महत्वपूर्ण सूत्रधार है और गिरोह के सदस्यों को लॉजिस्टिक्स सपोर्ट प्रदान करता रहा है।
जांच में सामने आया है कि रामदत्त ने चंबल क्षेत्र के आसपास एक ऐसे आरोपी को सुरक्षित ठिकाना मुहैया कराया था, जिस पर सेक्टर-29 स्थित वेयरहाउस क्लब और ह्यूमन क्लब पर 10 दिसंबर 2024 को बम फेंकने का सीधा आरोप है। इन हमलों में क्रूड बमों का इस्तेमाल किया गया था, जिसका मकसद क्षेत्र में सांप्रदायिक अशांति फैलाना और शांति व्यवस्था भंग करना था।
एनआईए ने कहा कि यह हमला विदेशी आतंकी संचालकों के निर्देश पर काम करने वाले गुर्गों के एक बड़े नेटवर्क द्वारा रची गई साजिश का हिस्सा था। एजेंसी ने अब तक मामले में कुल नौ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है और अन्य साजिशकर्ताओं की पहचान, वित्तीय चैनलों का पता लगाने तथा सक्रिय आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए जांच जारी रखी हुई है।
यह मामला एनआईए ने घटना के तुरंत बाद अपने हाथ में लिया था और तब से यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खालिस्तानी आतंकी संगठनों के भारत में सक्रिय मॉड्यूल्स को उजागर करने वाली एक महत्वपूर्ण जांच बन चुकी है।