
जब पहली बार पेद्ज़ा त्रिफ़ुनोविच अपनी भावी पत्नी के घर पहुँचे, तो वह हक्के-बक्के रह गए. जैसे ही वे दरवाज़े से अंदर आए, सोफ़िया ने कहा कि वह अपने जूते पहने रख सकते हैं.
उन्होंने तब कहा, “तुम लोग वहीं जूते पहनते हो जहाँ सोते हो… मुझे तो यह बहुत अशिष्ट लगा.”
अमेरिका में रहने वाली सोफ़िया भी उतनी ही हैरान हुईं जब उन्हें पता चला कि मूलतः सर्बिया से ताल्लुक़ रखने वाले पेद्ज़ा जूते उतारकर घर में घुसते हैं.
वह कहती हैं, “‘तुम मेरे पैरों की बदबू अपने घर में सूंघना चाहते हो? मुझे तो अपने स्नीकर्स पहने रहने दो.’ मुझे तो तब यही लगा था.”
इस जोड़े के विपरीत विचार एक बड़ी, वैश्विक बहस को दर्शाते हैं. इसका अहसास उन्हें तब हुआ जब उन्होंने अपनी असहमति ऑनलाइन साझा की.
एक टिक-टॉक वीडियो जिसमें पेद्ज़ा चप्पल पहने और सोफ़िया ट्रेनर्स में अपने अपार्टमेंट के अंदर दिखती हैं, उस पर सैकड़ों टिप्पणियाँ आईं – लोग बहस कर रहे थे कि कौन ज़्यादा स्वच्छ (हाइजीनिक) है.
तो आख़िर सही कौन है? क्या घर के अंदर जूते पहनना स्वास्थ्य के लिए ख़तरा है? बीबीसी वर्ल्ड सर्विस ने इसका पता लगाने के लिए एक माइक्रोबायोलॉजी लैब का रुख़ किया.
वैश्विक विभाजन
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जूते उतारना या पहने रखना अक्सर इस पर निर्भर करता है कि आप कहाँ पले-बढ़े हैं.
ज़्यादातर मध्य-पूर्वी, एशियाई और बाल्कन देशों में घर के अंदर जूते पहने रहना असभ्य माना जाता है. वहीं यूरोप और अमेरिका के कुछ हिस्सों में मेहमान से जूते उतारने को कहना ही अशिष्ट समझा जाता है.
जापान में दुनिया की जूते-संबंधी परंपराएँ सबसे सख़्त हैं. ज़्यादातर घरों में एक विशेष प्रवेश-द्वार होता है जिसे गेनकन कहते हैं, और उसके आगे जूते पहनना वर्जित होता है.
लंदन के एसओएएस विश्वविद्यालय में मानवशास्त्र के वरिष्ठ व्याख्याता डॉक्टर फ़ाबियो ग्यीगी बताते हैं कि अगर कोई पर्यटक जूते उतारना भूल जाए, “तो तुरंत तीखी प्रतिक्रिया होगी, लोग लगभग आप पर कूद पड़ेंगे – ‘नहीं, रुको, जूते उतारो’.”
उनके अनुसार यह प्रतिक्रिया स्वच्छता और दर्शन – दोनों कारणों से होती है.
वह कहते हैं, “प्रतीकात्मक रूप से बाहर रहने को सभी तरह की गंदगी, ख़तरे और प्रदूषण से जोड़ा जाता है.”
वह आगे कहते हैं, “अंदर वह जगह है जिसे आप निर्मल रखना चाहते हैं… पवित्रता वह अवस्था है जिसे पाना है, और कई धार्मिक अनुष्ठान इसी विचार पर आधारित हैं.”
हमारे जूतों पर कौन-से बैक्टीरिया होते हैं?

हमने यूके के ब्राइटन शहर में एक वीकेंड के दौरान पहने गए ट्रेनर्स की एक जोड़ी को माइक्रोबायोलॉजी लैब में ले जाकर देखा कि उनमें क्या छिपा हुआ है.
ब्राइटन विश्वविद्यालय में, माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉक्टर सारा पिट ने जूतों के ऊपर और नीचे से स्वैब लिया, और फिर हमने उन नमूनों को रातभर पेट्री डिश में बढ़ने के लिए छोड़ दिया.
अगले दिन माइक्रोस्कोप से जांच करने पर ढेर सारे बैक्टीरिया दिखाई दिए.
इनमें स्टैफिलोकोकस ऑरियस भी था – वह बैक्टीरिया जो स्टैफ संक्रमण का कारण बनता है और डॉक्टर पिट के अनुसार, स्वस्थ लोगों के लिए भी ख़ासा ‘ख़तरनाक’ हो सकता है.
वह कहती हैं, “अगर आपको खरोंच लगे और उसमें स्टैफिलोकोकस ऑरियस चला जाए तो आपको मवाद का संक्रमण भरा बड़ा फोड़ा हो सकता है.”
वह आगे कहती हैं कि यह बैक्टीरिया कमज़ोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में निमोनिया और रक्त संक्रमण भी पैदा कर सकता है.
जूते पर इसका करीबी रिश्तेदार स्टैफिलोकोकस एपिडर्मिडिस भी मिला, जो स्वाभाविक रूप से मानव त्वचा पर रहता है. यह संक्रमणकारी बैक्टीरिया भी कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली वालों में गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है और अक्सर अस्पताल में भर्ती मरीज़ों में पाया जाता है.
अन्य अध्ययनों और समीक्षाओं से पता चला है कि जूतों पर अन्य संक्रमणकारी भी हो सकते हैं, जिनमें ई. कोलाई जैसे मल-जनित बैक्टीरिया भी शामिल हैं.
इंस्टीट्यूट ऑफ़ बायोमेडिकल साइंस की अध्यक्ष पिट कहती हैं, “दुनिया भर में अलग-अलग बैक्टीरिया हो सकते हैं, साथ ही फंगस… और परजीवी भी.”
क्या बाहर के बैक्टीरिया हमारे घरों में जीवित रह सकते हैं?

अध्ययनों से पता चला है कि जूते बहुत जल्दी बाहरी वातावरण से बैक्टीरिया हमारे घरों में पहुँचा सकते हैं.
डॉक्टर पिट कहती हैं, “पुख़्ता सबूत हैं कि जीवाणु घर के भीतर जीवित रह सकते हैं और संभावना रहती है कि संक्रमण परिवार के अन्य सदस्यों तक पहुँचा सकते हैं.”
वह जोड़ती हैं कि कीटाणु कुछ दिनों तक, या गर्म कालीन पर और भी लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं.
और उसके बाद भी, किसी सतह पर दोबारा चलने से कुछ बैक्टीरिया ‘फिर से सक्रिय’ हो सकते हैं और इंसानों के लिए फिर से संक्रामक बन सकते हैं.
वह समझाती हैं, “अगर आप बच्चे के साथ कालीन पर घुटनों के बल चल रहे हैं… तो जब आप कालीन पर दबाव डालते हैं, तो संक्रमण फिर से सक्रिय हो जाता है.”
स्वस्थ वयस्कों की तुलना में कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों – जैसे शिशु या बुज़ुर्गों – के लिए यह जोखिम ज़्यादा होता है.
हालाँकि पिट मानती हैं कि जीवाणुओं के संपर्क में आना प्रतिरक्षा बनाने में मदद कर सकता है, लेकिन उनका कहना है कि हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी पहले से ही हमें कई तरह के बैक्टीरिया से रूबरू कराती है.
जूते पहनें या उतारें?
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डॉक्टर पिट के अनुसार, हमारे सवाल का जवाब पेट्री डिश में ही छिपा है.
वह कहती हैं, “घर के अंदर जूते पहनना अशिष्टता है, लेकिन यह एक वास्तविक स्वास्थ्य जोखिम भी है.”
“आप दुनिया में कहीं भी हों, जैसे ही घर के अंदर आएँ, आपको जूते उतार ही देने चाहिए.”
अगर आप सचमुच जूते पहने रखना चाहते हैं, तो डोरमैट का इस्तेमाल करना और घर में कालीन न होना बैक्टीरिया की संख्या कम करने में मदद कर सकता है.
वह समझाती हैं, “आदर्श रूप से आपको हफ़्ते में कम से कम एक बार घर की अच्छी तरह सफ़ाई करनी चाहिए, यही बैक्टीरिया, धूल और गंदगी को काबू में रखने के लिए काफ़ी होगा.”
अब शादीशुदा हो चुके सोफ़िया और पेद्ज़ा ने एक समझौता कर लिया है.
सोफ़िया कहती हैं, “मुझे लगता है कि भीतर से मैं हमेशा स्नीकर्स पहनना पसंद करूँगी, लेकिन मुझे पता है कि जब मैं सर्बिया जाती हूँ, तो चप्पल पहननी ही पड़ती है.”
और जब यह जोड़ा अमेरिका में अपने घर पर होता है, तो सोफ़िया ‘इनडोर स्नीकर्स’ पहनती हैं – जो बाहर नहीं पहने जाते.
वह कहती हैं, “मुझे पैरों पर उनका वज़न अच्छा लगता है क्योंकि मैं उसी के साथ बड़ी हुई हूँ.”
पेद्ज़ा ने भी सोफ़िया की कुछ आदतें अपना ली हैं.
वह कहते हैं, “कभी-कभी मैं बस जल्दी में जूते पहने ही अंदर चला आता हूँ.”
सोफ़िया बोलती हैं, “हम यह कोशिश नहीं कर रहे कि मैं पूरी तरह सर्बियाई बन जाऊँ या पेद्ज़ा पूरी तरह अमेरिकी. हम दोनों की अपनी-अपनी पहचान हैं और हम बस उन्हें मिलाने की कोशिश कर रहे हैं.”
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.