अमेरिका ने एक प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत चीन की शिपिंग कंपनियों और चीन के शिपयार्ड में बने जहाजों से 10 लाख डॉलर शुल्क वसूला जाएगा। अगर ऐसा होता है तो भारत को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है क्योंकि भारतीय निर्यातक अपने उत्पाद अमेरिका भेजने के लिए चीन में बने जहाजों पर निर्भर हैं। चीनी जहाजों से भारी शुल्क वसूलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
जागरण रिसर्च डेस्क, नई दिल्ली। चीन के उत्पादों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद अब अमेरिका अपने बंदरगाह पर आने वाले चीन के जहाजों से भारी शुल्क वसूलने की तैयारी कर रहा है। शुल्क के दायरे में चीन में बने जहाज भी आएंगे, चाहे वह किसी भी देश का सामान लेकर अमेरिका में आए हों। अगर ऐसा होता है तो भारत को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है क्योंकि भारतीय निर्यातक अपने उत्पाद अमेरिका भेजने के लिए चीन में बने जहाजों पर निर्भर हैं।
10 लाख डॉलर तक शुल्क वसूलेगा अमेरिका
अमेरिका ने एक प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत चीन की शिपिंग कंपनियों और चीन के शिपयार्ड में बने जहाजों से 10 लाख डॉलर शुल्क वसूला जाएगा। यूएस लेबर यूनियंस की मांग पर यूएस ट्रेड रिप्रजेंटेटिव (यूएसटीआर) ने पिछले वर्ष मार्च में चीन के जहाजों और वहां की सामुद्रिक व्यवस्थाओं की जांच की थी। इसके बाद ही चीनी जहाजों से भारी शुल्क वसूलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
भारत पर कैसे पड़ेगा असर
अगर अमेरिका इस प्रस्ताव को लागू करता है तो इससे भारत के विदेशी व्यापार पर भी असर हो सकता है क्योंकि भारतीय निर्यात काफी हद तक विदेशी जहाजों पर निर्भर है। अमेरिका भारत का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। विशेषज्ञों का कहना है कि जहाजरानी कंपनियां इसका बोझ उत्पाद भेजने वालों पर डाल सकती हैं। दुनिया अभी स्वेज नहर संकट से उबरी ही है और उसके सामने एक और संकट खड़ा हो गया है।
चीन का दबदबा
1999 में वैश्विक जहाज निर्माण बाजार में चीन की हिस्सेदारी सिर्फ पांच प्रतिशत थी, जो 2023 में बढ़कर 50 प्रतिशत हो गई। जनवरी 2024 में कमर्शियल वर्ल्ड फ्लीट में चीन की हिस्सेदारी 19 प्रतिशत से अधिक थी। शिपिंग कंटेनर्स के उत्पादन में चीन की हिस्सेदारी 95 प्रतिशत है। इससे पता चलता है कि वैश्विक जहाजरानी उद्योग में चीन की क्या हैसियत है।
भारत का निर्यात बढ़ा
अमेरिका में बहुत कम बन रहे हैं जहाज 5 जहाज सालाना बना रहा है अमेरिका 70 जहाज बनाता था सालाना 1975 में अमेरिका को भारत का निर्यात 77.5 अरब डॉलर हो गया अमेरिका को भारत का निर्यात वित्त वर्ष 2023-24 में 10.3 प्रतिशत की दर से सालाना बढ़ा है भारत का निर्यात पिछले तीन दशक में।
चीन से आयातित सामान पर टैरिफ दोगुना करेंगे ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चार मार्च से कनाडा और मेक्सिको पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने जा रहे हैं। जबकि चीन पर टैरिफ को दोगुना करेंगे। उन्होंने बुधवार को कहा कि कनाडा और मेक्सिको से आयातित सामान पर मंगलवार से टैरिफ प्रभावी हो जाएगा। इसी दिन से चीन से आयातित सामान पर टैरिफ को दस प्रतिशत से बढ़ाकर दोगुना कर दिया जाएगा। यूरोपीय संघ (ईयू) से कार और अन्य उत्पादों के आयात पर 25 प्रतिशत पारस्परिक टैरिफ लगाने की तैयारी है।
अमेरिका में फेंटानाइल जैसे नशीले पदार्थों की तस्करी की जा रही
ट्रंप ने अपने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका में फेंटानाइल जैसे नशीले पदार्थों की तस्करी की जा रही है। यह अस्वीकार्य स्तर पर पहुंच चुकी है। टैरिफ से दूसरे देश इस तस्करी पर लगाम लगाने के लिए मजबूर होंगे।यह भी पढ़ें- भारतीयों को गोल्ड कार्ड बेचना चाहता है अमेरिका? डोनाल्ड ट्रंप बोले- कई टैलेंटेड लोग चले गए, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा
अमेरिका में फेंटानाइल जैसे नशीले पदार्थों की तस्करी की जा रही
ट्रंप ने अपने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका में फेंटानाइल जैसे नशीले पदार्थों की तस्करी की जा रही है। यह अस्वीकार्य स्तर पर पहुंच चुकी है। टैरिफ से दूसरे देश इस तस्करी पर लगाम लगाने के लिए मजबूर होंगे।यह भी पढ़ें- भारतीयों को गोल्ड कार्ड बेचना चाहता है अमेरिका? डोनाल्ड ट्रंप बोले- कई टैलेंटेड लोग चले गए, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा
देश-दुनिया की हर ताज़ा खबर और सटीक जानकारी, हर पल आपके मोबाइल पर! अभी डाउनलोड करें- जागरण ऐप