Bijapur Maoists Killed Education Worker बीजापुर में माओवादियों ने एक शिक्षा दूत कल्लू ताती की हत्या कर दी। 25 वर्षीय कल्लू ताती गंगालूर के नेड्रा स्कूल में कार्यरत थे। स्कूल से लौटते समय माओवादियों ने उनका अपहरण कर लिया और बाद में उनकी हत्या कर दी। 2023 से अब तक बीजापुर और सुकमा में 9 शिक्षादूतों की हत्या हो चुकी है।
डिजिटल डेस्क, बीजापुर। छत्तीसगढ़ में माओवादियों ने एक बार फिर कायराना हरकत को अंजाम दिया है। बीजापुर के गंगालूर थाना क्षेत्र के तोड़का गांव में माओवादियों ने शिक्षा दूत की बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक की पहचान 25 वर्षीय कल्लू ताती के रूप में हुई है, जो तोड़का के ही रहने वाले थे।
कल्लू ताती गंगालूर क्षेत्र के नेड्रा स्कूल में पदस्थ था। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम स्कूल से लौटते समय माओवादियों ने कल्लू ताती का अपहरण कर लिया था और देर रात उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। घटना की सूचना पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस बल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है।
शिक्षा दूत कल्लू ताती। फाइल फोटो
कौन हैं शिक्षा दूत?
बता दें कि बस्तर संभाग के दुर्गम और नक्सल प्रभावित इलाकों में लंबे समय तक स्कूल बंद रहे हैं। ऐसे में शासन ने स्थानीय युवाओं को शिक्षा दूत के रूप में नियुक्त कर स्कूलों को पुनः संचालित करने का प्रयास किया। उनकी वजह से कई गांवों में शिक्षा की लौ फिर से जली है और बच्चे स्कूल लौटने लगे हैं।
9 शिक्षादूतों की हत्या
बंद पड़े स्कूलों के पुनः संचालन के बाद से अब तक नक्सली जिले में कुल 5 शिक्षादूतों की हत्या कर चुके हैं। वहीं बीजापुर और सुकमा जिले से अब तक 9 शिक्षादूतों की हत्या हुई है।
दरअसल माओवादियों को शक है कि यह शिक्षा दूत मुखबिरी करते हैं, जिसके कारण इलाके में दहशत फैलाने के लिए शिक्षादूतों की हत्या कर देते हैं।
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