जेएनएन, रायपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मुतवल्ली (वक्फ के प्रबंधक) अल्तमस सिद्दिकी पर हिंदू परिवारों पर मतांतरण के लिए दबाव बनाने का आरोप लगा है।
पीड़ित परिवारों ने मुतवल्ली की शिकायत छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड में की है। इसके बाद वक्फ बोर्ड ने मुतवल्ली को पद से हटा दिया है, साथ ही एफआइआर दर्ज करवाने के लिए राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा को पत्र लिखा है।
पीड़िता स्मिता वाल्देकर ने आरोप लगाया है कि आरोपित उन पर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाते हुए अपना नाम ‘फातिमा’ रखने को कहता था। उसने धमकी दी थी कि यदि उसकी बात नहीं मानी, तो दो दिन में नौकरी से निकलवाकर जेल भिजवा देगा।
वहीं, मुस्लिम परिवारों ने वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज को दिए गए लिखित ज्ञापन में बताया कि अल्तमस सिद्दिकी स्वयं को ’22 जमात’ का सदर बताता है और पिछले तीन-चार वर्षों से कुछ सुन्नी मुस्लिम परिवारों पर दबाव बनाकर अपनी मान्यता स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
जब कई परिवारों ने उसे सदर मानने से इनकार कर दिया, तो उसने करीब 25 परिवारों को समाज से जबरन बहिष्कृत कर दिया।
इन परिवारों का आरोप है कि बहिष्कार के बाद उन्हें कब्रिस्तान, मस्जिद, निकाह, शादी-विवाह और सामूहिक दावत जैसे सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने से रोक दिया गया। इतना ही नहीं, इन परिवारों के साथ रोटी-बेटी के रिश्ते भी समाप्त कर दिए गए, जिससे वे भय और दबाव में जीवन जीने को मजबूर हैं।
पीड़ित पक्ष के लोगों ने कहा कि अल्तमस की शिकायत कई बार कर चुके हैं, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अल्तमस सिद्दिकी द्वारा पूर्ण रूप से दादागिरी की जा रही है। जबरदस्ती हिंदू भाइयों पर मुसलमान बनने का दबाव बनाया जा रहा है। शिकायत के बाद मुतवल्ली को पद से हटा दिया गया है। गृहमंत्री को मैंने पत्र लिखा है, मतांतरण का दबाव बनाने के आरोप में अल्तमस पर एफआइआर दर्ज कराएंगे। डॉ. सलीम राज, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड