जेएनएन, सूरजपुर। छतीसगढ के सूरजपुर जिले में बड़े भाई की करंट से मौत होने के बाद छोटे भाई गणेश ने भी फांसी लगा ली। फांसी लगाने के लिए उसने मृतक चचेरे भाई के लिए लाए गए कफन के ही कपड़ा इस्तेमाल किया।
स्वजन ने बताया कि उसके द्वारा लगाए गए करंट प्रवाहित तार से चचेरे भाई की मौत होने से वह ग्लानि में चला गया। साथ ही पुलिस ने उसके विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की, जिससे वह सहमा हुआ भी था। स्वजन ने डर और ग्लानि को आत्महत्या की वजह बताया है।
जानकारी के अनुसार, आरोपित ने लहसुन की फसल को मवेशियों से बचाने के लिए खेत के चारों तरफ जीआइ तार का घेरा लगाकर उसमें करंट प्रवाहित किया था।
चचेरा भाई 28 फरवरी की रात हैंडपंप पर हाथ-पैर धोने आया जहां करंट की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई। करंट से चचेरे भाई की मौत से वह आत्मग्लानि में चला गया। इधर मृतक की बहन ने घटना की शिकायत पुलिस से कर दी। पुलिस ने आरोपित गणेश के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली।
पत्नी से बोला : आत्मसमर्पण करने जा रहा हूं
आरोपित की पत्नी ने बताया कि चचेरे भाई की मौत से पति को गहरा सदमा लगा था। स्वजन भी घटना के लिए सीधे तौर पर उसको ही जिम्मेदार मान रहे थे। उसे डर था कि परिवार के लोग उसे मार डालेंगे।
पुलिस भी उसके विरुद्ध कार्रवाई करेगी। रविवार देर रात वह थाने में सरेंडर करने की बात कहकर निकल गया था। सोमवार सुबह उसके द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की खबर मिली।
घटनास्थल और मृतक के शव की जांच से अनुमान लगाया गया है कि आत्महत्या से पहले वह अपने भाई की चिता के पास गया होगा, क्योंकि उसने वहीं पर पड़े कफन के कपड़े से फांसी लगाई थी। साथ ही अपनी टीशर्ट पर चिता के कोयले से ‘रीमा मुझे माफ करना’ लिखा था। उसका चार माह पहले ही विवाह हुआ था।